रिपोर्ट में यह बताया गया है कि बुर्किना फासो में सशस्त्र समूहों की ओर से भर्ती किए गए बच्चों की संख्या इस साल पांच गुना बढ़ गई है, जो पिछले साल दर्ज हुए चार मामलों से अधिक है।
बुर्किना फासो में जिहादी हमलों में बढ़ोतरी के बाद बाल सैनिकों की तादात भी बढ़ती जा रही है। फातिमा अमादौ (43) और उसका परिवार उन भाग्यशाली लोगों में से हैं, जो जून के यहां हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में बच गए। इस हमले में लगभग 160 लोग मारे गए थे।
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अमादौ ने बताया, मुझे आज भी वह दिन याद है, जब आधी रात में अचानक गोलियों की आवाज सुनकर मैं जाग गई थी, मैंने खिड़की से बाहर देखा तो हैरान रह गई। वहां छोटे बच्चे अपने कंधों पर बंदूकें ताने खड़े थे।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और संघर्ष विशेषज्ञों की एक अप्रकाशित रिपोर्ट में यह बताया गया है कि बुर्किना फासो में सशस्त्र समूहों की ओर से भर्ती किए गए बच्चों की संख्या इस साल पांच गुना बढ़ गई है, जो पिछले साल दर्ज हुए चार मामलों से अधिक है।
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उग्रवादी सशस्त्र समूहों से जुड़ रहे बच्चे
बुर्किना फासो के हाईकोर्ट की सहायक अभियोजक इद्रिसा साको ने बताया, यहां 14 लड़कों को उग्रवादी सशस्त्र समूहों के साथ जुड़े होने के संबंध में राजधानी औगाडौगौ में हिरासत में लिया गया है। ये बच्चे 2018 से वहां पर हैं। इन सशस्त्र समूहों में बच्चों की भर्ती, बच्चों पर संघर्ष के प्रभाव और स्कूलों और बच्चों पर हो रहे हमले इतने चिंताजनक हो गए हैं कि इस वर्ष बुर्किना फासो को पहली बार संयुक्त राष्ट्र की बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर आधारित वार्षिक रिपोर्ट में शामिल किया है।