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बाल यौन शोषण: पीड़ितों को तय समय पर न्याय दिलाने के लिए कैलाश सत्यार्थी के साथ जुटे कार्पोरेट जगत के दिग्गज

Mon, 22 Mar 2021 08:19 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय संकट बन चुके बाल यौन शोषण के पीड़ितों को जल्दी न्याय दिलाने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था ने पहल की है। उनके इस अभियान से देश की नामचीन कार्पोरेट हस्तियां भी जुड़ गई हैं। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा बाल यौन शोषण और दुष्कर्म के शिकार बच्चों को न्याय सुनिश्चित कराने के लिए शुरू किए गए ‘जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड’ अभियान में देश के कार्पोरेट जगत के दिग्गजों ने हिस्सा लिया। अभियान देश के उन 100 जिलों में चलाया जाएगा, जहां बाल उत्पीडन और बच्चों से दुष्कर्म की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं। 

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ये हस्तियां शरीक हुईं
इन हस्तियों में इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति, पीरामल ग्रुप के अध्यक्ष अजय पीरामल, बजाज फिनसर्व के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज, गोदरेज समूह के आदि गोदरेज शामिल थे। इन शीर्ष भारतीय कार्पोरेट प्रमुखों ने अभियान को खुलकर समर्थन दिया। 
बाल यौन शोषण राष्ट्रीय संकट बना
उन्होंने न केवल इस अभियान के सरोकारों और उद्देश्यों की सराहना की है, बल्कि व्यापारिक जगत के अन्य शीर्ष नेताओं से यह भी आग्रह किया है कि हमें इसके समर्थन के लिए इसलिए भी आगे आना चाहिए, क्योंकि बाल यौन शोषण एक राष्ट्रीय संकट बन गया है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
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साल भर चलेगा अभियान
गौरतलब है कि केएससीएफ ने बाल यौन शोषण और दुष्कर्म के शिकार बच्चों और उनके परिवारों को तय समय पर न्याय, स्वास्थ्य सहायता और पुनर्वास सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए सालभर चलने वाला देशव्यापी ‘जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी और हिंदी फिल्मों के मशहूर अभिनेता-निर्देशक और अभियान के ब्रांड अम्बेसडर फरहान अख्तर द्वारा रविवार शाम को एक न्यूज चैनल पर लांच किया गया। 
100 संवेदनशील जिलों में चलेगा अभियान
'जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड' अभियान देश के उन 100 जिलों में चलाया जाएगा, जहां बाल उत्पीडन और बच्चों से दुष्कर्म की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं। इसका लक्ष्य इन जिलों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत चल रहे कम से कम 5000 मामलों में बच्चों को तय समय में त्वरित न्याय दिलाना है। 
गौरतलब है कि केएससीएफ लंबे समय से बाल यौन शोषण के खिलाफ अभियान चला रहा है। संगठन ने 2017 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व में बाल यौन शोषण और बाल तस्करी के खिलाफ देशव्यापी 'भारत यात्रा' का भी आयोजन किया था। 

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