भारतीय नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार (फाइल फोटो)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का असर भारतीय सेनाओं पर भी दिखाई दे रहा है। रक्षा मंत्रालय लगातार भारतीय उपकरणों, तकनीकों के जरिए आत्मनिर्भर की ओर कदम बढ़ा रहा है। इस बीच, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हम एक खास परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। 2047 तक भारतीय नौसेना पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगी।
'भारतीय नौसेना 2047 तक पूरी तरह होगी आत्मनिर्भर'
पत्रकारों से बातचीत करते हुए नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना स्वदेशी तकनीकों के जरिए आगे बढ़ रही है। आत्मनिर्भर होते हुए हमने अपने दम पर 33 पनडुब्बियों और 63 जहाजों का निर्माण कर सकती है। हमारा लक्ष्य 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनना है।
अग्निवीर के जरिए भारतीय सेना होगी सबसे युवा- हरि कुमार
आर हरि कुमार ने कहा कि कि अग्निवीर भर्ती कार्यक्रम के जरिए भारतीय सेना बल अगले सात वर्षों में काफी युवा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नौसेना कर्मचारियों की औसत आयु 26 वर्ष होगी। हम जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नौसेना में शामिल होने वाले अग्निवीर बहुत तकनीकी प्रेमी हैं। वे नई तकनीकी चुनौतियों का बखूबी जवाब देते हैं।
विझिंजम बंदरगाह का इस्तेमाल करने के इच्छुक- हरि कुमार
एडमिरल हरि कुमार ने कहा कि नौसेना भी अपनी आवश्यकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि हम विझिंजम बंदरगाह का इस्तेमाल करने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह के साथ उनकी शुरुआती बातचीत हुई थी, हालांकि इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। वहीं भारत की स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल ब्रह्मोस को तेजी से नौसेना के युद्धपोतों में शामिल किया जा रहा है। हरि कुमार ने कहा, "हमारी योजना इसे अपने सभी युद्धपोतों में स्थापित करने की है और यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।