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India Armed Forces: 'सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण समय की मांग', वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी ने कही बड़ी बात

Tue, 25 Jun 2024 01:08 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

India Armed Forces: दुनिया में उभरती सुरक्षा चुनौतियों को लेकर वायुसेना प्रमुख विवेक राम चौधरी ने अपील की है कि भारत को अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में निवेश करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। वायुसेना प्रमुख ने ये बातें एक कैपस्टोन सेमिनार को संबोधित करते हुए कही।
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वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी - फोटो : ANI
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विस्तार
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वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने मंगलवार को भारतीय वायु सेना, कॉलेज ऑफ एयर वारफेयर और सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज की तरफ से संयुक्त रूप से आयोजित कैपस्टोन सेमिनार को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देने की अपील की। इस दौरान एयर चीफ मार्शल चौधरी ने भारत की रणनीतिक संस्कृति और मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में इसकी प्रासंगिकता को भी बताया।
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'सीमा विवाद समेत कई बहुआयामी चुनौतियां'
नई दिल्ली के सुब्रतो पार्क में वायु सेना सभागार में संबोधित करते हुए, एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने इस बात पर जोर डालते हुए कहा कि हमारी रणनीतिक संस्कृति ऐतिहासिक अनुभवों और लगातार विकसित हो रहे भू-राजनीतिक वातावरण से आकार लेती है। यह रणनीतिक स्वायत्तता, सावधानी और क्षेत्रीय अखंडता पर मजबूत ध्यान देने पर जोर देती है। इस दौरान उन्होंने सीमा विवाद और आतंकवाद से लेकर साइबर खतरों और क्षेत्रीय अस्थिरता तक भारत के सामने मौजूद बहुआयामी चुनौतियों पर भी बात की।

'सुरक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की अनिवार्यता'
इस कर्यक्रम में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत के लिए अपने सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण करने, रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और सुरक्षा के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे अशांत समयों से निपटने और अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए, अपने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में निवेश करना चाहिए और इसके साथ ही रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करना चाहिए़ और आंतरिक और बाहरी सुरक्षा दोनों के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
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'भारत में राज्य कला का अभ्यास पूरे इतिहास में हुआ'
भारत की रणनीतिक विरासत पर कई प्रकार के दृष्टिकोणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि, दूसरी ओर, यूरो विचारक इस बात पर जोर देंगे कि भारत में राज्य कला का अभ्यास पूरे इतिहास में देखा गया है, और रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य भारत के भव्य रणनीतिक विचारों को प्रदर्शित करते हैं। वहीं प्रभावी रणनीतिक योजना के महत्व को स्वीकार करते हुए, एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, यह भी एक ठोस तर्क है कि आधुनिक काल के लिए कई अहम सलाहें बची हुई हैं और फली-फूली हैं, जो एक प्रभावी भव्य रणनीति के बिना संभव नहीं है। वहीं देश की स्थायी रणनीतिक प्रथाओं पर विचार करते हुए उन्होंने कहा, भारत में रणनीतिक संस्कृति हो या न हो, राय के तौर पर, हमारी वास्तविक राजनीति, शासन कला और कूटनीति हमेशा से हमारी ऐतिहासिक, घरेलू और समकालीन भू-राजनीति का महत्वपूर्ण अंग रही है।

विदेश मंत्री के हलिया योगदान का किया जिक्र
वहीं भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हाल ही के योगदानों का संदर्भ देते हुए एयर चीफ मार्शल चौधरी ने इस बात पर जोर डाला, कि माननीय विदेश मंत्री जयशंकर ने अपनी हालिया पुस्तक 'व्हाई भारत मैटर्स' में महाकाव्य नाटक के लेंस के माध्यम से अपने दृष्टिकोण को प्रस्तुत करके समकालीन, जटिल वैश्विक स्थितियों के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस सेमिनार में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और रणनीतिक विरासत के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए नए दृष्टिकोणों की खोज की गई।
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