फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि कानून: चिदंबरम ने पीएम मोदी पर किया हमला, बोले- बिना कैबिनेट मंजूरी बना और निरस्त कर देते हैं कानून

Sat, 20 Nov 2021 12:49 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का यह बयान पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद आया है। बिना कैबिनेट की मंजूरी के सिर्फ भाजपा सरकार में कानून बनते और निरस्त होते हैं। 
विज्ञापन
पी चिदंबरम - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर कथित तौर पर बिना कैबिनेट मंजूरी के कृषि कानूनों को रद्द करने के फैसले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने केंद्र पर आरोप लगाया कि सिर्फ भाजपा की सरकार में कैबिनेट की मंजूरी के बिना कानून बनाए और निरस्त किए जाते हैं। तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद चिदंबरम का बयान सामने आया है। 
विज्ञापन


दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का एलान किया था। साथ ही संसद के आगामी सत्र में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत इसे खत्म करने की बात कही थी। 

गृहमंत्री, रक्षामंत्री और भाजपा अध्यक्ष पर तंज
चिदंबरम ने केंद्रीय गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और भाजपा अध्यक्ष पर भी निशाना साधाते हुए ट्वीट किया। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा ''गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री की घोषणा को एक राजनेता की तरह उठाया गया साहसिक कदम  बताकर सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण को ध्यान में रखकर फैसला किया है।'' भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों की बहुत फिक्र है। आखिर  15 महीनों से आप लोगों ने इसकी सलाह क्यों नहीं दी। चिदंबरम ने सवाल उठाया कि क्या आप लोगों ने इसका संज्ञान लिया कि प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक के बिना ही यह घोषणा की?
विज्ञापन

 

चुनाव के डर से फैसला लिया गया- चिदंबरम
शुक्रवार को पीएम द्वारा कृषि कानूनों को रद्द करने के फैसले के बाद पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सरकार पर हमला बोला। चिदंबरम ने ट्वीट किया, यह चुनाव के डर से फैसला लिया गया है, उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री की ओर से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करना नीति में बदलाव और हृदय परिवर्तन से प्रेरित नहीं है" बहरहाल, यह किसानों के लिए बड़ी जीत है और कांग्रेस पार्टी के लिए भी जीत है जो इन कानूनों का पुरजोर विरोध कर रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें