भारत के ‘चंद्रयान-2’ ने चांद की तरफ एक और कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को सफलतापूर्वक धरती की चौथी कक्षा में प्रवेश कर लिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि चंद्रयान-2 लगातार पृथ्वी की कक्षा से आगे बढ़ रहा है और 2 अगस्त को दोपहर दो से तीन बजे के बीच इसने चौथी बार कक्षा में बदलाव किया। अभी तक की सारी गतिविधियां सामान्य हैं और चार दिन बाद 6 अगस्त को यह धरती की अगली कक्षा में प्रवेश कर जाएगा।
अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक, चांद के गुरुत्व क्षेत्र में प्रवेश करने पर चंद्रयान-2 के प्रोपेलिंग सिस्टम का इस्तेमाल इसकी रफ्तार धीमी करने के लिए किया जाएगा, ताकि यह चांद की प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश कर सके। पृथ्वी के प्रभाव वाले क्षेत्र से चांद के आभामंडल में यह 14 अगस्त को प्रवेश करेगा।
इसके साथ ही चंद्रयान-2 चांद की परिक्रमा करने लगेगा। 13 दिन के बाद रोवर ‘प्रज्ञान’ को लेकर जा रहा लैंडर ‘विक्रम’ यान से अलग हो जाएगा। कुछ दिन कक्षा की परिक्रमा के बाद यह 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।