महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने 30 अक्तूबर को विधानसभा में विधायक दल की बैठक बुलाई है ताकि नेता का चुनाव किया जा सके। सभी 105 विधायक बैठक में शामिल होंगे। वहीं दूसरी ओर भाजपा की गठबंधन पार्टी शिवसेना राज्य में ढाई-ढाई साल सरकार बनाने की बात कर रही है। शिवसेना का कहना है कि भाजपा उसे लिखित में आश्वासन दे।
राज्य में भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं। इस तरह गठबंधन के पास बहुमत के लिए जरूरी 145 का आंकड़ा तो मौजूद है लेकिन शिवसेना के बदले हुए रुख ने सरकार गठन को लेकर संशय का माहौल बना दिया है।
शिवसेना के नेता प्रताप सरनाइक ने शनिवार को मातोश्री पर बैठक के बाद कहा, 'हमारी बैठक में यह फैसला हुआ है कि जैसा अमित शाह ने लोकसभा चुनाव के दौरान 50-50 का फॉर्मूला दिया था। उसी तरह दोनों पार्टियों को ढाई-ढाई साल राज्य में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। ऐसे में शिवसेना का भी मुख्यमंत्री होगा। उद्धव जी को भाजपा से लिखित में आश्वासन लेना चाहिए।'
इसी बीच ठाकरे आवास मातोश्री के बाहर आदित्य ठाकरे को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं। जब से आदित्य ने चुनाव लड़ने का फैसला किया था तभी से शिवसैनिकों ने उन्हें अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखना शुरू कर दिया था। यहां तक कि चुनाव के समय खुद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उन्होंने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे से वादा किया था कि एक दिन महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा।