गुजरात में फैले चांदीपुरा वायरस का प्रकोप अब आसपास के राज्यों तक फैल गया है। इस कड़ी में सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी इस गंभीर वायरस के मरीज सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी इस रिपोर्ट के बाद शुक्रवार को सभी प्रभावित राज्यों समेत केंद्र सरकार की मॉनिटरिंग कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में अगले 45 दिन का पूरा मॉनिटरिंग रोड मैप तैयार किया गया है। इस दौरान प्रभावित इलाकों की सघन जांच समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों और राज्य के अलग-अलग स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों की हुई बैठक में तय हुआ कि अगले डेढ़ महीने का पूरा रोड मैप तैयार किया जाएगा। जिसमें न सिर्फ गुजरात बल्कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में मिले एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के मरीजों के साथ-साथ उनके पूरे परिवार और इलाकों को मॉनिटर किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक पूरे इलाके में सघन अभियान चलाया जाएगा। चांदीपुरा वायरस मामले की जांच के लिए बनाई गई मॉनिटरिंग कमेटी से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टर प्रवीण कुमार कहते हैं, फिलहाल जिन इलाकों में चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए हैं, वहां पर न सिर्फ नमूने लगातार लिए जा रहे हैं, बल्कि उनकी लैब टेस्टिंग के साथ मॉनिटरिंग हो रही है। उनका कहना है कि 31 जुलाई तक इस सिंड्रोम के 148 मामले सामने आए हैं।
इसमें गुजरात के 24 जिलों से 140, मध्यप्रदेश से 4, राजस्थान से 3 और महाराष्ट्र से एक मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक इस सिंड्रोम से प्रभावित 59 लोगों की मृत्यु हो गई है और 51 मामलों में चांदीपुरा वायरस (सीएचपीवी) की पुष्टि हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर लगातार बढ़ रहे मामलों और हो रहीं मौतों के बाद स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक समेत आईसीएमआर के महानिदेशक ने इस पूरे मामले की समीक्षा और आगे की मॉनिटरिंग के दिशा निर्देश भी दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को भी हुई महत्वपूर्ण बैठक में तीनों प्रभावित राज्यों के अधिकारियों समेत केंद्र सरकार की बनाई गई कमेटी के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ दिनों में एईएस के मामले बढ़ रहे थे। लेकिन बीते 12 दिनों में लगातार हो रही मॉनिटरिंग में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के मरीजों में कमी दिख रही है। हालांकि रिपोर्ट में इसके प्रभाव को गुजरात से बढ़कर अन्य राज्यों में देखा गया है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देश पर जारी की गईं गाइडलाइंस के आधार पर ही आगे की पूरी गाइडलाइंस को फॉलो करने को कहा है।