केंद्र सरकार ने अपने उन कर्मियों को घर पर ही डॉक्टरी सहायता मुहैया कराने की योजना लागू की है, जिनका नाम सीजीएचएस लाभार्थियों की सूची में शामिल है। ऐसे कर्मियों को इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस नई सेवा को टेली कंसलटेशन का नाम दिया गया है।
इस सेवा के तहत कोई भी लाभार्थी किसी भी कार्यदिवस पर सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक चिकित्सक से बात कर सकता है। इन सेवाओं में मेडिसन, ऑर्थोपेडिक्स, आंख, नाक-काल-गला (ईएनटी) व मानसिक रोग (साइकेट्री) शामिल की गई है। केंद्र सरकार कुछ दिन बाद अन्य सेवाएं भी शुरू कर सकती है। सरकार का मकसद है कि कोरोना के दौरान अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों का जमावड़ा न लगे। बता दें कि यह सेवा अब देश के सभी हिस्सों में शुरू की जा रही है।
यह सेवा लेने के लिए सीजीएचएस लाभार्थी को अपने मोबाइल फोन से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एप्लीकेशन esanjeevaniopd.in पर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद ई-संजीवनी ओपीडी एप, मरीज को एक डॉक्टर असाइन करेगा। एसएमएस के जरिए एक टोकन नंबर भेजा जाएगा। इसी की मदद से वह लाभार्थी, डॉक्टर से परामर्श ले सकेगा।
यदि किसी लाभार्थी का उस बीमारी से संबंधित कोई पिछला रिकॉर्ड है तो वह भी अपलोड किया जा सकता है। जैसे ही डॉक्टर उपलब्ध होगा, संबंधित लाभार्थी के मोबाइल फोन पर 'कॉल नाउ बटन' ऑन हो जाएगा। इसके बाद जब उस बटन को दबाया जाएगा तो वीडियो कंसलटेशन प्रक्रिया शुरू होगी।
यह प्रक्रिया खत्म होने पर ई-पर्ची भी निकाली जा सकती है। सीजीएचएस के सभी वेलनेस सेंटर पर वह ई-पर्ची दिखाकर दवाई ली जा सकती है। लाभार्थी को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वह खुद सेंटर तक जाने में असमर्थ है तो ऐसी स्थिति में लाभार्थी अपने किसी अधिकृत प्रतिनिधि को भेजकर दवा मंगवा सकता है।