डीएसपीई अधिनियम की धारा-6 के तहत सीबीआई का गठन किया गया है। इस प्रावधान के तहत, डीएसपीई का एक सदस्य यानी सीबीआई संबंधित राज्य सरकार की सहमति के बिना उस राज्य में अपनी शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकती है।
सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि तमिलनाडु और तेलंगाना सहित 10 राज्यों ने अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में मामलों की जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली है।
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इसलिए होती है अनुमति की जरूरत
दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946 की धारा 6 के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अपने अधिकार क्षेत्र में जांच करने के लिए संबंधित राज्य सरकारों से सहमति की आवश्यकता होती है। डीएसपीई अधिनियम की धारा-6 के तहत सीबीआई का गठन किया गया है। इस प्रावधान के तहत, डीएसपीई का एक सदस्य यानी सीबीआई संबंधित राज्य सरकार की सहमति के बिना उस राज्य में अपनी शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकती है। कई गैर-भाजपा राज्यों ने सीबीआई से आम सहमति वापस लेते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है।
इन राज्यों ने ली सहमति वापस
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पंजाब, झारखंड, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, तेलंगाना, मेघालय और तमिलनाडु ने सामान्य सहमति वापस ले ली है।
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धारा 6 में संशोधन करने का प्रस्ताव?
यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र सरकार का डीएसपीई अधिनियम की धारा 6 में संशोधन करने का प्रस्ताव है। इस पर मंत्री ने कहा नहीं।
एजेंसी को अधिकार देने की जरूरत
कुछ राज्यों द्वारा सामान्य सहमति वापस लिए जाने से महत्वपूर्ण मामलों की जांच करने की सीबीआई की शक्तियों में गंभीर सीमाओं के कारण होने की बात पर जोर देते हुए एक संसदीय समिति ने हाल ही में कहा था कि एक नया कानून बनाने और संघीय एजेंसी को व्यापक अधिकार देने की सख्त जरूरत है ताकि वह 'राज्य की सहमति और हस्तक्षेप' के बिना मामलों की जांच कर सके।