केंद्र सरकार ने अपने सभी विभागों को मृत सरकारी कर्मचारियों के परिजनों को पेंशन-सुविधाएं शीघ्र दिलाने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा है। ये नोडल अधिकारी दिवंगत सरकारी कर्मचारी के पारिवारिक सदस्यों के साथ दस्तावेज तैयार करने में समन्वय करेंगे और मृतक के परिजनों को मिलने वाली सुविधाएं जल्द दिलाने में मदद करेंगे।
नोडल अधिकारी के बारे में विभागों की वेबसाइट पर जानकारी देने को भी कहा गया
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव इंदेवर पांडेय ने एक खत में कहा कि नोडल अधिकारी के बारे में पूरी जानकारी प्रमुखता से मंत्रालयों, विभागों, अन्य संबंधित कार्यालयों की वेबसाइटों पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते कई सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की मौत हुई है।
कई मामलों में मृत कर्मचारी और अधिकारी अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। असमय कर्मचारियों और अधिकारियों के निधन से परिवार संकट में आ गए और इस महामारी के बीच उन्हें पैसों की तत्काल जरूरत है। इसे देखते हुए सरकार मृतक कर्मचारियों के परिजनों को पारिवारिक पेंशन और अन्य सुविधाएं जल्द से जल्द दिलाना सुनिश्चित करना चाहती है।
पत्र में कहा गया है कि सेवा के दौरान एक सरकारी कर्मचारी की मौत पर अंतिम वेतन भुगतान का 50 फीसदी 10 साल तक पारिवारिक पेंशन के तौर पर भुगतान किया जाता है और इसके बाद अंतिम वेतन का 30 फीसदी दिया जाता है। इसमें कहा गया है कि मृतक सरकारी कर्मचारी के परिजनों से दावा प्राप्त होने के एक महीने के अंदर पारिवारिक पेंशन शुरू हो जाए। परिपत्र पुरानी पेंशन योजना के तहत आने वाले कर्मचारियों के साथ ही राष्ट्र्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए भी है।
इसमें कहा गया है कि इसके अलावा एनपीएस पेंशन कोष में कर्मचारी के योगदान और रिटर्न का भुगतान भी परिवार के सदस्य को किया जाएगा। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसके 13 लाख से अधिक केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारी सदस्य हैं।