केंद्र सरकार अगले साल से एकल उपयोग वाला प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के बारे में सोच रही है। केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2022 से दो चरणों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा है।
इसे लेकर एक ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की गई है जिसमें बताया गया है कि यह योजना छोटे व्यवसायों और व्यापारियों को प्रभवित न करे। साथ ही केंद्र सरकार ने कचरे से बढ़ते खतरों को देखते हुए इस साल 30 सितंबर से पॉलिथीन की थैलियों की मोटाई 50 माइक्रोन से बढ़ाकर 120 माइक्रोन करने का भी फैसला लिया है। फिलहाल देश में 50 माइक्रोन से कम के पॉलिथीन बैग पर प्रतिबंध है।
15 अगस्त 2022 को भारत आजादी के 75 साल पूरे करेगा। इस दौरान सभी एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग नियमों के तहत निषिद्ध होगा।
दो चरणों में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन होगा। पहले एक जनवरी 2022 से कुछ प्लास्टिक की चीजें जैसे प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारे और कैंडी स्टिक बैन होंगी और फिर एक जुलाई 2022 से प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, रैपिंग, पैकिंग फिल्म्स, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट जैसे प्लास्टिक पर बैन लगेगा।
एक अधिकारी ने बताया कि उन वस्तुओं को पहले चरणबद्ध तरीके से बैन किया जाना है जिनके विकल्प आसानी से उपलब्ध हों। वहीं कचरा प्रबंधन प्रणाली के समन्वय की जिम्मेदारी शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों की होगी।