2021 में होने वाली अगली जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की भी गिनती की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब जनगणना में ओबीसी में आने वाले सभी जाति के आंकड़े अलग से जुटाए जाएंगे। गृहमंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गौरतलब है कि 2011 की जनगणना में सभी जातियों की गिनती की गई थी। लेकिन अबतक उनके अंतिम आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने राज्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ 2021 के जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की। मंत्रालय के मुताबिक इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के तीन साल के भीतर ही अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। अबतक इसमें सात से आठ साल का वक्त लग जाता था।
इसके लिए कई नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। तीन साल की समय सीमा में यह काम पूरा करने के लिए 25 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस बार घरों, गांवों और आवासिय क्षेत्रों की गणना में उनके पहचान के लिए तकनीकी नक्शे और सेटेलाईट मैपिंग को भी शामिल किया जाएगा।
गृहमंत्री ने समीक्षा के दौरान दूर दराज के इलाकों में जन्म और मृत्यु के सही पंजीकरण पर जोर दिया। इसके अलावा बच्चों व माताओं की मृत्यु दर और प्रजनन क्षमता से जुड़े आंकड़े भी इकट्ठा करने की तैयारी चल रही है।