केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने शनिवार को दिशानिर्देश जारी किए हैं कि दवाओं व सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की गुणवत्ता और उनके असर की निगरानी के लिए एक समान नमूना प्रणाली अपनाई जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले शीर्ष दवा नियामक सीडीएससीओ ने कहा कि अभी ज्यादातर दवाएं बड़े ब्रांड से ली जा रही हैं और उनका कवर केवल शहरी और उपनगरीय इलाकों तक ही है।
दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और चिकित्सा उपकरणों के नमूने लेने के लिए पिछले हफ्ते नए दिशानिर्देश अधिसूचित किए गए थे। इनमें कहा गया कि अंदरूनी इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिससे सुदूर स्थित उपयोगकर्ता या अंतिम उपयोगकर्ता को प्राप्त दवाओं की गुणवत्ता का आकलन नहीं किया गया।
इनमें कहा गया कि पिछले रुझानों में यह देखा गया है कि नमूना चयन और नमूने के स्थान आदि के लिए कोई परिभाषित पद्धति नहीं है। नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कुछ क्षेत्रों में सौंदर्य प्रसाधान के नमून एकत्र नहीं किए गए। इनमें कहा गया है कि ऐसे बिक्री केंद्रों का केंद्रीकृत डाटाबेस नहीं है, जहां नकली उत्पादों की सूचना दी गई हो। ऐसे केंद्रों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
इसमें आगे कहा गया कि यह दिशानिर्देश खासतौर पर उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करने और विनिर्माण केंद्रों से बाजार में आने वाली विभिन्न प्रकार की दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और उपकरणों के उपयोग पर केंद्रित है। इसमें नकली दवाओं की सूची को सीडीएससीओ की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में उनके उपयोग से बचा जा सके। यह सूची हर माह अपडेट की जाएगी। अभी सीडीएससीओ की ओर से साझा जाने वाली बिना गुणवत्ता वाली और नकली दवाओं की सूची हर महीने अपडेट नहीं की जाती है। उन वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर) की जानकारी साझा नहीं की जाती है, जहां से नमूने लिए जाते हैं।