असम में दबंग छवि के लिए प्रसिद्ध रहीं पुलिस सब इंस्पेक्टर जुनमोनी राभा की 16 मई की सुबह एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद असम पुलिस ने राभा की मौत के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, वहीं अब अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने असम पुलिस से चार अलग-अलग मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है।
राभा के साथ सड़क हादसा असम के नागांव जिले में हुआ। पुलिस के मुताबिक जुनमोनी राभा की कार एक कंटेनर ट्रक से आमने-सामने टकरा गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो जल्द ही लोगों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और उन डॉक्टरों से भी मुलाकात करेगी जिन्होंने राभा का शव परीक्षण किया था।
वहीं राभा की मां ने एक प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 16 मई को राभा की मृत्यु के तुरंत बाद, 1 बजे से 2 बजे के बीच, नागांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने उनके घर पर छापा मारा और उनसे हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। कुछ बैंक दस्तावेज साथ ले गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छापेमारी में वह 4.30 लाख रुपये नकद भी ले गईं। अपनी शिकायत में मां ने कहा कि डोली ने उन्हें राभा की मौत के बारे में सूचित नहीं किया। दिन निकलने के बाद ही एक अन्य पुलिस अधिकारी ने उन्हें दुर्घटना के बारे में बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राभा की हत्या की गई है और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। सीबीआई की विशेष अपराध इकाई ने अब उस दुर्घटना के साथ-साथ उस मामले की भी जांच शुरू कर दी है, जिसमें राभा की जान चली गई थी। सीबीआई ने दो और मामले भी अपने हाथ में ले लिए हैं, एक मामला जो राभा की सूचना पर पांच मई को नागांव पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए नकली मुद्रा रैकेट से जुड़ा है, और दूसरा नकली मुद्रा जांच में संदेह के घेरे में आए लोगों के परिवार के सदस्य द्वारा उसके खिलाफ दायर किया गया मामला है।