केसरकर के इस दावे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि मंत्री को उनके (शिंदे) के आत्महत्या के बारे में मालूम होने की जानकारी के लिए हिरासत में लिया जाना चाहिए।
एनसीपी ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर के खिलाफ जांच की मांग की है। केसरकर ने अपने एक बयान में कहा था कि पिछले साल अगर शिवसेना लीडरशिप के खिलाफ उनका विद्रोह असफल हो जाता तो एकनाथ शिंदे खुद को गोली मार लेते।
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एमसीपी के प्रवक्ता ने क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि मंत्री के इस कमेंट को गंभीरता से लेना चाहिए। इसके खिलाफ जांच होनी चाहिए कि कहीं शिंदे के ऊपर काम न पूरा करने का दबाव तो नहीं डाला जा रहा था।
एनसीपी नेता ने कहा कि एकनाथ शिंदे जैसी राजनीतिक प्रतिष्ठित व्यक्ति असफल होने पर इतना बड़ा कदम क्यों उठाना चाहेगा।
केसरकर ने मंगलवार को दावा किया था कि उद्धव कैबिनेट में मंत्री रह चुके शिंदे को शिव सेना स्थापना दिवस पर अपमानित किया गया था।
केसरकर ने कहा- 'शिंदे साहब एक सच्चे इंसान के साथ शिवसैनिक भी हैं। उन्होंने कहा था कि अगर मेरा विद्रैह असफल हो जाता तो मैं सभी विधायकों को वापस भेज देता। मैं मातोश्री फोन करके कहता कि मैंने गलती की है, लेकिन विधायकों की गलती नहीं है और फिर मैं अपने सिर पर गोली मार लेता।'
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केसरकर के इस दावे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि मंत्री को उनके (शिंदे) के आत्महत्या के बारे में मालूम होने की जानकारी के लिए हिरासत में लिया जाना चाहिए।
पिछले साल 20 जून को शिंदे समेत 40 शिवसेना विधायकों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा अघाड़ी (एमवीए) सरकार का साथ छोड़ दी थी, जिसके बाद ये सरकात गिर गई थी। एक दिन बाद ही शिंदे ने महाराष्ट्र के नए सीएम के तौर पर शपथ ली थी।