गलत दस्तावेजों के जरिए बैंकों से धोखाधड़ी
सीबीआई ने एडवांटेज ओवरसीज के श्रीकांत भासी, दिनेश अर्कोट सेल्वराज, मनीष सिंह, गगन शर्मा और जीजो जॉन के खिलाफ गलत दस्तावेजों के जरिये एसबीआई, भोपाल से छह हजार करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा लेने का केस दर्ज किया है। कंपनी 1266 करोड़ का घाटा होने से बकाया भुगतान नहीं कर सकी थी। वहीं, एनर्जो इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट और इसके चेयरमैन सुजीत दास, एमडी डीवी सिंह और निदेशक जया सिंह के खिलाफ गलत दस्तावेजों से 1290 करोड़ का क्रेडिट लिमिट लेने के मामले में केस दर्ज किया गया है।
चेन्नई की सुरणा इंडस्ट्रीज और इसके निदेशकों एसएल सुराणा, डीसी सुराणा, जीएल सुराणा, विजयराज सुराणा और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर आईडीबीआई की अगुवाई वाले 12 बैंकों के कंसोर्टियम को 1083 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक इन लोगों ने क्रेडिट सुविधा का लाभ उठाकर फंड दूसरे खातों में ट्रांसफर किया।
वाराणसी की जेबीएल एग्रो इंडस्ट्रीज और इसके चेयरमैन डीएन झुनझुनवाला, निदेशक एसएन झुनझुनवाला, आदर्श और अनुज झुनझुनवाला के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। इन पर आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी से 518-518 करोड़ की क्रेडिट लिमिट लेने के लिए स्टॉक और बैलेंस शीट की गलत जानकारी दी।
दिल्ली के करोल बाग के लाल संस ज्वैलर्स और इसके निदेशकों आरपी सिंह, एसपी वर्मा और पूनम वर्मा पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को 222.96 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक इन्होंने आपराधिक षड्यंत्र करके क्रेडिट सुविधा ली। कंपनी पर बिना किसी रिकॉर्ड के पैसे का हेरफेर करने का भी आरोप है।
वहीं, श्रीनाथजी रोलर फ्लोर मिल व इसके निदेशकों अमरचंद गुप्ता, रामलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता और शकुंतला देवी के खिलाफ आंध्र बैंक से लिए गए 149.76 करोड़ रुपये के कर्ज का गलत तरीके से इस्तेमाल करने के मामले केस दर्ज किया है। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र में एसईएल मैन्युफैक्चरिंग के 113.55 करोड़, देना बैंक में एस्के किंट के 42.16 करोड़ और केनरा बैंक में कृष्णा किंटवेयर टेक्नोलॉजी के 27 करोड़ की धोखाधड़ी का भी मामला शामिल है।