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हैदराबादः महिला तहसीलदार को बचाने के प्रयास में झुलसने वाले उनके ड्राइवर ने भी तोड़ा दम

Wed, 06 Nov 2019 01:29 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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विजया रेड्डी - फोटो : Special arrangement
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तेलंगाना में एक महिला तहसीलदार को उनके कार्यालय में जिंदा जलाकर मारने की घटना के अगले दिन मंगलवार को उनके ड्राइवर की भी मौत हो गई। ड्राइवर उन्हें बचाने की कोशिश में जल गया था और गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई।

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अब्दुल्लापुरमेट में तहसीलदार विजया रेड्डी (37) को उनके कार्यालय में सोमवार दोपहर सुरेश नाम के व्यक्ति ने कथित रूप से कुछ जमीन विवाद के चलते उन्हें जिंदा जला दिया था। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। विजया को बचाने की कोशिश करते हुए दो कर्मचारी भी घायल हो गए, जिनमें उनके ड्राइवर गुरुनाथम भी थे।

घटना में हमलावर भी करीब 60 प्रतिशत जल गया और तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश एम भागवत ने बताया कि गुरुनाथम की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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वहीं वारदात को अंजाम देने वाले शख्स की पहचान सुरेश मुदिराजू के रूप में की गई है। बताया गया है कि आरोपी शख्स उसकी जमीन के दस्तावेजों में हुई गलतियों को अदालत के आदेश के बावजूद नहीं सुधारे जाने से नाराज था।
 

अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब डेढ़ बजे लंच के समय सुरेश जमीन के कागजात लेकर दफ्तर आया था। वह तहसीलदार विजया के कक्ष में गया, जहां वह अकेली थीं। पुलिस के अनुसार, विवाद होने के कुछ देर बाद आरोपी ने महिला अफसर पर पेट्रोल छिड़का और लाइटर से आग लगा दी। वहीं एक चश्मदीद ने कहा कि चीख-पुकार के बाद लोग तहसीलदार के कक्ष की ओर भागे और देखा कि वह आग की लपटों से घिरी बाहर की ओर आ रही थीं। 


रचकोंडा पुलिस कमिश्नर महेश भागवत का कहना है कि इस वारदात के दौरान खुद हमलावर भी झुलस गया। वह 50 से 60 फीसदी जला है। आरोपी आग लगाने के बाद कुछ दूर भागा, लेकिन फिर गिर गया। उसे और दो अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा लग रहा है। जांच से इसके पीछे की ठीक-ठीक वजह पता चल सकेगी। क्योंकि आरोपी पूरी तैयारी के साथ आया था। जांच की जा रही है कि उसे इस तरह से दफ्तर में कैसे आने दिया गया। घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच दहशत का माहौल है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग की।

हत्यारोपी सुरेश ने पुलिस से कहा कि वह एक किसान है और रियल एस्टेट का काम भी करता है। उसके और उसके भाई के नाम करीब सात एकड़ खेती की जमीन है। बटाईदार से जमीन को लेकर विवाद था। मामला हाई कोर्ट में था। उसने दावा किया कि उसके साथ नाइंसाफी हुई। हालांकि अफसरों ने कहा कि आरोपी का इलाज जारी है। अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकती।
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