मामले में टीएमसी नेता तापस रॉय ने कहा कि केंद्र सरकार सभी टीएमसी नेतृत्व, सांसदों, मंत्रियों के खिलाफ यही कर रही है। इसलिए आज वे पूछताछ के उद्देश्य से मानस भुनिया के दफ्तर गए थे। अब देखते हैं क्या होता है।
सीबीआई ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मानस रंजन भूनिया से आई-कोर पोंजी घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में करीब दो घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा की तीन सदस्यीय टीम ने जल संसाधन जांच एवं विकास मंत्री भुनिया से यहां उनके कार्यालय में पूछताछ की।
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सबांग से तृणमूल कांग्रेस के विधायक को कथित तौर पर निष्क्रिय आई-कोर द्वारा आयोजित कुछ सार्वजनिक समारोहों में देखा गया था, जिन पर निवेशकों को निवेश पर असामान्य रूप से उच्च रिटर्न की पेशकश करके उन्हें ठगने का आरोप लगाया गया था। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इसी पोंजी घोटाले में मंत्री को नोटिस जारी किया था।
शारदा और रोज वैली चिटफंड कंपनियों की तरह आई-कोर ने अपने द्वारा शुरू की गई कई धोखाधड़ी योजनाओं द्वारा जनता से धन जुटाया। सीबीआई ने आई-कोर चिटफंड घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में 13 सितंबर को राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी से भी पूछताछ की थी। केंद्रीय एजेंसी ने 9 मई 2014 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शारदा और अन्य पोंजी घोटाले के मामलों की जांच अपने हाथ में ली थी।
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मामले में टीएमसी नेता तापस रॉय ने कहा कि केंद्र सरकार सभी टीएमसी नेतृत्व, सांसदों, मंत्रियों के खिलाफ यही कर रही है। इसलिए आज वे पूछताछ के उद्देश्य से मानस भुनिया के दफ्तर गए थे। अब देखते हैं क्या होता है।