सीबीआई, पुलिस, सीमा शुल्क, ईडी या न्यायाधीश वीडियो कॉल के जरिए लोगों को गिरफ्तार नहीं करते हैं, ये कहना है भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) का, जिसने देश में 'डिजिटल गिरफ्तारी' अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जारी एक सार्वजनिक सलाह जारी की है।
डिजिटल गिरफ्तारी को घोटाला करार देते हुए, संघीय साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने लोगों को इंटरनेट का उपयोग करके किए जाने वाले ऐसे अपराधों का शिकार न बनने की चेतावनी दी। शनिवार को जारी की गई सलाह में कहा गया है, घबराएं नहीं, सतर्क रहें। सीबीआई, पुलिस, सीमा शुल्क, ईडी, न्यायाधीश आपको वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करते हैं। देश में 'डिजिटल गिरफ्तारी' अपराधों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने जारी एक सार्वजनिक सलाह जारी की है।
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भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने जारी की सलाह
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के सलाह में व्हाट्सएप और स्काइप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लोगों को दर्शाया गया है ताकि यह दिखाया जा सके कि ऐसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके इस तरह के घोटाले के लिए कॉल किए जाते हैं। इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने पहले कहा है कि वे उपयोगकर्ताओं को ऐसे अपराधों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।
केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर या वेबसाइट पर करें शिकायत
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने लोगों से ऐसे अपराधों की शिकायत केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर करने का आग्रह किया।
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क्या होती है डिजिटल गिरफ्तारी?
डिजिटल गिरफ्तारी एक साइबर अपराध तकनीक का नाम है, जिसमें जालसाज कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी बनकर किसी व्यक्ति को एसएमएस भेजते हैं या वीडियो कॉल करते हैं और धोखाधड़ी से दावा करते हैं कि व्यक्ति या उसके करीबी परिवार के सदस्यों को सरकारी जांच एजेंसी ने ड्रग तस्करी या मनी लॉन्ड्रिंग जैसी आपराधिक गतिविधि में पकड़ा है।
ऐसे साइबर अपराधी वारदात को देते हैं अंजाम
इसके बाद साइबर अपराधी व्यक्ति को 'डिजिटल गिरफ्तारी' के हिस्से के रूप में अपने मोबाइल फोन के कैमरे चालू रखने के लिए कहकर अपने परिसर में सीमित कर देता है और फिर पीड़ित को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से पैसे मांगता है। देश भर में हर दिन इस साइबर अपराधों की बड़ी संख्या में शिकायत दर्ज की जाती है।