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NEET-UG Row: नीट-यूजी में धांधली से जुड़े मामले में लातूर से गिरफ्तारी; सीबीआई ने कसा शिकंजा

Mon, 08 Jul 2024 08:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सीबीआई ने मामले में छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। बिहार से प्राथमिकी पेपर लीक से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से शेष प्राथमिकी फर्जी उम्मीदवार और धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर में नीट-यूजी परीक्षा में कथित धांधली के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी अब तक नौ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। लातूर से गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नंजुनाथप्पा जी के रूप में हुई है। इसे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने पकड़ा था। आरोप है कि लातूर में दो सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने नीट-यूजी उम्मीदवारों से परीक्षा में उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए पांच लाख रुपये से अधिक की मांग की थी। 

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अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने बिहार नीट-यूजी पेपर लीक मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही लातूर तथा गोधरा में कथित हेराफेरी के सिलसिले में एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, देहरादून से भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 5 मई को आयोजित परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर बड़े पैमाने पर विवाद के बाद केंद्र ने एजेंसी से मामले की जांच करने को कहा था। 

सीबीआई ने मामले में छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। बिहार से प्राथमिकी पेपर लीक से संबंधित है, जबकि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से शेष प्राथमिकी फर्जी उम्मीदवार और धोखाधड़ी से संबंधित हैं। NEET-UG का आयोजन NTA द्वारा सरकारी और निजी संस्थानों में MBBS, BDS, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है। इस साल यह परीक्षा 5 मई को 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे। इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे।
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क्या है मामला?
देश भर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एनटीए द्वारा नीट-यूजी आयोजित की जाती है। पेपर लीक सहित अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। इस पर जमकर राजनीति भी हुई। केंद्र और एनटीए ने 13 जून को अदालत को बताया था कि उन्होंने 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए कृपांक (ग्रेस मार्क) रद्द कर दिए हैं। उन्हें दोबारा परीक्षा या प्रतिपूरक अंकों को छोड़ने का विकल्प दिया गया था। एनटीए ने 23 जून को आयोजित पुन: परीक्षा के परिणाम जारी करने के बाद एक जुलाई को संशोधित रैंक सूची जारी की।

कैसे संदेह पैदा हुआ?
पांच मई को हुई परीक्षा में कुल 67 छात्रों ने पूरे 720 अंक प्राप्त किए। यह एनटीए के इतिहास में अभूतपूर्व था। इसमें सूची में हरियाणा केंद्र के छह छात्र शामिल हैं। इसके बाद परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर संदेह शुरू हुआ। आरोप लगाया गया कि कृपांक के चलते 67 छात्रों को शीर्ष रैंक मिली। इसके बाद एनटीए ने एक जुलाई को संशोधित परिणाम घोषित किया। इसके बाद नीट-यूजी में शीर्ष रैंक वाले अभ्यर्थियों की संख्या 67 से घटकर 61 हो गई।

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