सीबीआई ने 64 करोड़ रुपये के बांस खरीद घोटाले में हिंदुस्तान पेपर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पूर्व चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक एमवीएन राव सहित पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने बांस खरीद के बदले असम के दीमा हसाओ ऑटोनॉमस काउंसिल (डीएचएसी) को बढ़ी हुई कीमत पर भुगतान किया।
डीएचएसी ने एचपीसीएल से 1980 में बांस आपूर्ति के लिए 30 साल का करार किया था। करार के मुताबिक 2006 तक एचपीसीएल बांस के बदले डीएचएसी को तय रॉयल्टी देती रही। 2006 में एक पूरक करार किया गया। इसके तहत डीएचएसी ने हिल ट्रेड एजेंसी को उप ठेका दिया जो बांस काट कर उसे भेज सके। इससे परिवहन लागत बढ़ गई। फरवरी 2011 में दोनों पक्षों ने प्रति मीट्रीक टन 3225 रुपये की दर तय कर दी, जिसे 14 दिन में में बढ़ाकर 5275 रुपये प्रति मीट्रिक टन कर दिया गया।