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Karnataka: तीन तलाक पर RSS नेता का विवादित बयान, बोले- मोदी सरकार ने स्थायी पति दिया; अब एफआईआर दर्ज हुई

Wed, 27 Dec 2023 10:29 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

आरएसएस नेता रविवार को कर्नाटक के श्रीरंगपट्टनम में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले तक तीन तलाक की प्रथा कानूनी थी, लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इसे खत्म कर दिया गया है।
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आरएसएस के वरिष्ठ नेता कल्लाडका प्रभाकर भट - फोटो : social media
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता कल्लाडका प्रभाकर भट एक बार फिर अपनी कथित टिप्पणी को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उनके खिलाफ कर्नाटक में केस दर्ज किया गया है। दरअसल, भट ने कहा था कि मुस्लिम पुरुष तीन तलाक को अवैध घोषित करने वाले विधेयक को पारित करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार से नाखुश हैं। वहीं, मुस्लिम महिलाएं खुश हैं क्योंकि उनके पास अब एक स्थायी पति है।

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उन्हें हर दिन एक नया पति...
आरएसएस नेता रविवार को कर्नाटक के श्रीरंगपट्टनम में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले तक तीन तलाक की प्रथा कानूनी थी, लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से इसे खत्म कर दिया गया है। मुस्लिम पुरुष इस बात से बहुत नाखुश होंगे। हालांकि, मुस्लिम महिलाएं इस कदम से बहुत खुश होंगी क्योंकि पहले हर दिन उन्हें तलाक, तलाक, तलाक सुनने को मिलता था और उन्हें हर दिन एक नया पति मिलता था। वह यह नहीं कह सकती थी कि उनके पास जीवन भर के लिए एक ही पति है। 

मोदी सरकार ने दिया 
उन्होंने कहा, 'यह मोदी सरकार है, जिसने मुस्लिम महिलाओं को एक स्थायी पति दिया है।' बता दें, संकीरना यात्रा नामक इस कार्यक्रम का आयोजन दक्षिणपंथी संगठन हिंदू जागरण वेदिके ने किया था।
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एफआईआर दर्ज
बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया नजीर ने श्रीरंगपट्टनम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। कल्लाडका के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक प्रथम सूचना रिपोर्ट  दर्ज की गई है, जिसमें समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और एक महिला की विनम्रता का अपमान करना शामिल है।

2019 में अवैध
बता दें कि तीन तलाक के जरिए तलाक की प्रथा को 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक माना था और संसद ने 2019 में इसे अवैध घोषित करने वाला कानून पारित किया था। 

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