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Covid-19 Vaccination: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, कहा- लोगों की जिंदगी से नहीं कर सकते खिलवाड़

Fri, 29 Oct 2021 09:22 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Covid-19 Vaccination: याचिकाकर्ता ने कहा था कि कई छात्र और लोग विदेश जाना चाहते हैं लेकिन उन्हें प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने अभी तक कोवाक्सिन को मान्यता नहीं दी है।
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कोविशील्ड और कोवाक्सिन वैक्सीन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोवाक्सिन लगवा चुके लोगों को कोविशील्ड का टीका लगाने की इजाजत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट दाखिल की गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। याचिका पर सुनवाई कर रहे जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम इस तरह का आदेश देकर लोगों के जीवन से नहीं खेल सकते हैं।  

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डब्ल्यूएचओ के फैसले का करें इंतजार 
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि खबरों से पता चला है कि भारत बायोटेक ने डब्ल्यूएचओ में आवेदन किया है। इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा लेकिन तब तक डब्ल्यूएचओ के फैसले का इंतजार कीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिकाओं पर दखल देना जोखिम भरा है। इससे अच्छा है कि हालात को देखा जाए कि क्या हो रहा है। दीवाली के बाद मामले की सुनवाई होगी।  

याचिकाकर्ता की दलील 
सुप्रीम कोर्ट में वकील कार्तिक सेठ ने याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि कई छात्र और लोग विदेश जाना चाहते हैं लेकिन उन्हें प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है क्योंकि डब्ल्यूएचओ ने अभी तक कोवाक्सिन को मान्यता नहीं दी है। उन्होंने कहा कि कोवाक्सिन टीकाकरण के बाद किसी व्यक्ति को कोविन पर पंजीकरण करके कोविशील्ड का टीका लेने की अनुमति नहीं है। 
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इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे पास इससे संबंधित कोई डाटा नहीं है। हम केंद्र से लोगों के दोबारा टीकाकरण के लिए नहीं कह सकते। हम इस तरह लोगों की जिंदगी से नहीं खेल सकते। समाचार पत्रों से पता चला है कि भारत बायोटेक ने डब्ल्यूएचओ में आवेदन किया है जो इस पर निर्णय लेगा। फैसले की प्रतीक्षा करें।

जी20 को डब्ल्यूएचओ के लिए और पैसे देने की जरूरत: मांडविया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि जी20 देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वित्तीय मदद और बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही बहुपक्षीय व्यवस्थाओं जीएवीआई, सीईपीआई, एक्ट-ए आदि का समर्थन भी जारी रखना चाहिए।

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