देश में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर
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देशभर में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मामले डरा रहे हैं। सभी के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत में तीसरी लहर आएगी? इस सवाल का जवाब कोविड-19 के विशेषज्ञ अपने तरीके से दे रहे हैं। इसी बीच कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉल कट्टुमन का अनुमान है कि कुछ दिनों के भीतर भारत में कोविड-19 के मामलों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उनका कहना है कि फरवरी में भारत को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का सामना कर पड़ सकता है।
फरवरी में कोरोना के रिकॉर्ड केस दर्ज हो सकते हैं
प्रोफेसर पॉल कट्टुमन ने कहा है कि भारत के 11 राज्यों में कोरोना के बढ़ते केस चिंता का कारण है। ऐसे में ऐसा संभव है कि आगामी कुछ दिनों में कोरोना मामलों में और इजाफा हो सकता है। उनका कहना है कि फरवरी माह में कोरोना के रिकॉर्ड केस दर्ज हो सकते हैं। इसे भारत में कोरोना की तीसरी लहर के रूप में भी देखा जा सकता है।
पहले भी लगाया सटीक अनुमान
खास बात ये है कि इससे पहले भी कैंब्रिज की स्टडी सटीक दावा कर चुकी है। कैंब्रिज की स्टडी ने पहले भी यह दावा किया था इसी साल मई माह में भारत में कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है। अब स्टडी में दावा किया गया है कि 1.4 अरब आबादी वाले भारत में ओमिक्रॉन के प्रवेश के बाद से कोरोना मामलों में इजाफा हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोफेसर कट्टुमन का कहना है कुछ दिनों में या इस सप्ताह के भीतर कोरोना के नए मामले बढ़ने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अभी इसका अनुमान लगाना मुश्किल है कि इसकी दर कितनी तेज होगी और हर रोज कितने केस सामने आएंगे।
11 राज्यों तक पहुंची गंभीर स्थिति
कट्टुमन और उनकी रिसर्च टीम दुनियाभर के देशों में कोविड ट्रैकर का अध्ययन करती है। हाल के दिनों में उन्होंने भारत में छह राज्यों को महत्वपूर्ण चिंता के रूप में देखा, जिसमें नए मामलों की वृद्धि दर 5 फीसदी से अधिक थी। ट्रैकर के मुताबिक यह गंभीर स्थिति भारत के 11 राज्यों तक पहुंच गई है। कैंब्रिज इंडिया ट्रैकर ने मई में देशभर में दूसरी लहर की सटीक भविष्यवाणी की थी। अगस्त में यह भी अनुमान लगाया गया था कि जब तक लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक भारत में कोरोना का प्रकोप रहेगा।