राष्ट्रगान के अपमान की शिकायत पर भाजपा विधायकों को दिए गए बंगाल पुलिस के नोटिस पर रोक लगाने का कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। भाजपा विधायक शंकर घोष और अन्य ने भाजपा के विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था।
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने मदारीहाट के पार्टी मुख्य सचेतक मनोज तिग्गा और सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष सहित भाजपा विधायकों को पुलिस के सामने पेश होने के नोटिस पर सात दिसंबर तक अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया। बता दें टीएमसी ने भाजपा विधायकों पर राज्य सरकार विरोधी नारे लगाने और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के विधायकों द्वारा राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं होने का आरोप लगाया है, जो वहां धरने पर बैठे थे।
याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि राष्ट्रगान का गायन अशोभनीय, अश्रव्य था। याचिकाकर्ताओं द्वारा विरोध और नारेबाजी शुरू करने के बाद अचानक इसका गान किया गया। सरकार के वकील ने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और ऐसे में इसे जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने एफआईआर दर्ज कराई। उनका आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी ने एक सार्वजनिक बैठक के दौरान ममता चोर लिखी हुई टी-शर्ट को पहना था। उन्होंने कहा, यह राज्य के मुख्यमंत्री का घोर अपमान है।