फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प. बंगाल: हाईकोर्ट बोला- 'राष्ट्रगान अपमान' मामले में अपील कर सकेगी सरकार; बढ़ सकती है BJP विधायकों की परेशानी

Wed, 13 Dec 2023 03:02 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

राष्ट्रगान के कथित अपमान मामले में पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायकों पर दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। पश्चिम बंगाल सरकार हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अब अपील कर सकेगी।
विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायकों पर दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई के मामले में राज्य सरकार अब हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील कर सकेगी। राष्ट्रगान के कथित अपमान मामले में पश्चिम बंगाल सरकार की अपील पर कलकत्ता हाईकोर्ट की दो जजों की पीठ ने बुधवार को कहा, 20 दिसंबर को मामले में अगली सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ ने राज्य सरकार को अपील की प्रतियां प्रतिवादियों को मुहैया कराने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन


भाजपा नेताओं पर आरोप
दरअसल, कोलकाता पुलिस ने पांच भाजपा विधायकों को एक शिकायत पर नोटिस भेजा था। इन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में राष्ट्रगान गाए जाने के दौरान उसका अपमान किया था। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायकों ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाए थे।

भाजपा विधायकों की अपील, एकल पीठ का आदेश
पुलिस की नोटिस के बाद भाजपा विधायक शंकर घोष और अन्य नेताओं ने विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की अपील की थी। उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने 7 दिसंबर को एफआईआर पर कार्यवाही करने से रोक लगा दी थी। एकल पीठ ने 17 जनवरी तक अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने कहा था, यह बहस का विषय है कि क्या किसी भी समूह की नारेबाजी के बीच राष्ट्रगान गाना अपेक्षित मर्यादा के खिलाफ है? इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि क्या आरोपों पर संबंधित कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है?
विज्ञापन


भाजपा विधायकों पर सम्मान में खड़े नहीं होने का आरोप
भाजपा विधायकों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के आरोपों के अनुसार, इन लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के खिलाफ नारेबाजी के अलावा राष्ट्रगान गाए जाने के दौरान भाजपा विधायक सम्मान में खड़े भी नहीं हुए। इन आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई। तृणमूल की दलील है कि दोनों दलों के नेताओं का समूह अलग-अलग मुद्दों पर धरना दे रहा था। 29 नवंबर की इस घटना के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे से ज्यादा दूर नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें