अब कैडबरी का विज्ञापन एक बार फिर आपके 90 के दशक की यादों को ताजा करने के लिए लौट आया है। आज भी कई लोगों को अपने बचपन के दौर के कई टीवी विज्ञापन याद होंगे और अगर आप 90 के दशक में जन्में हैं, तो आपको कैडबरी का वो क्रिकेट वाला विज्ञापन तो जरूर याद होगा, जिसमें एक लड़की खिलाड़ी के छक्का मारने के बाद मैदान पर दौड़ती थी और स्टेडियम के बीच एक बेहद अजीबोगरीब, लेकिन दिल को छू लेने वाला डांस करती थी।
कैडबरी का यह पुराना विज्ञापन ऐसे समय में आया, जब देश अहम बदलाव के दौर से गुजर रहा था। आर्थिक उदारीकरण के बाद के युग की अनिश्चितता के बावजूद, एड फिल्म ने एक तरह से देश के मूड को दिखाया, जो आशावान और उत्साह से भरा था।
पिछले और वर्तमान दौर के बीच तुलना करते हुए, पीयूष पांडे, जो ओगिल्वी के ग्लोबल क्रिएटिव और भारत के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं, कहते हैं, 'उस समय का मूड उड़ान की आशावाद का था, अब उभरने की आशावाद का है।'