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लाठियों के आगे खड़ी होकर बनी थीं जामिया की पोस्टर गर्ल, अब फेसबुक पोस्ट को लेकर हो रहीं ट्रोल 

Tue, 17 Dec 2019 09:29 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुलिस की लाठियों के बीच साथियों को बचातीं आयशा और लदीदा - फोटो : Social Media
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जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में 15 दिसंबर की रात को जो हुआ, वो देशभर ने देखा। पुलिस और छात्रों के बीच गतिरोध के बीच दो छात्राओं की तस्वीरों व वीडियो ने सभी का ध्यान खींचा। इनके नाम थे आयशा रीना और लदीदा फरजाना। 

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पुलिस की लाठियों के सामने अपने साथियों को बचाने की कोशिश में जिस बहादुरी के साथ वे खड़ी हुईं, उसकी सभी ने तारीफ कीं। यहां तक कि तमाम लोगों ने उनकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा भी किया। कुछ ने उन्हें हीरो की तर्ज पर 'शीरोज' की संज्ञा भी दी। 

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मगर दो दिन बाद ही लदीदा फरजाना अपने फेसबुक पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। 

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को लग रहा है उग्र प्रदर्शन से एक दिन पहले शनिवार को की गई पोस्ट की वजह से जामिया में हिंसा भड़की। इस पोस्ट में लदीदा सेक्युलरिज्म को लेकर विवादित बयान दे रही हैं।

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फेसबुक पर लिखी ये पोस्ट 

लदीदा ने लिखा, 'कल हुए विरोध के दौरान यह हुआ। कुछ लिबरल ने हमें इंशा अल्लाह और अल्ला—हु—अकबर कहने से रोका। हम सिर्फ एक शक्तिमान को मानते हैं। हम पहले ही आपके सेक्युलर स्लोगन को छोड़ चुके हैं।' चेखव के हवाले से उन्होंने लंबी पोस्ट की। 

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सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना 

उनकी पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा कि लदीदा अपनी पोस्ट में अल्ला-हु-अकबर और इंशा अल्लाह नारे से रोके जाने की बात कर रही हैं। अगर इसी वजह से आप सीएए का विरोध कर रही हैं, तो दुर्भाग्य से यह इस कानून के पक्ष वालों को ही मजबूत करेगा। 













 
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