फेसबुक पर लिखी ये पोस्ट
लदीदा ने लिखा, 'कल हुए विरोध के दौरान यह हुआ। कुछ लिबरल ने हमें इंशा अल्लाह और अल्ला—हु—अकबर कहने से रोका। हम सिर्फ एक शक्तिमान को मानते हैं। हम पहले ही आपके सेक्युलर स्लोगन को छोड़ चुके हैं।' चेखव के हवाले से उन्होंने लंबी पोस्ट की।
सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना
उनकी पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा कि लदीदा अपनी पोस्ट में अल्ला-हु-अकबर और इंशा अल्लाह नारे से रोके जाने की बात कर रही हैं। अगर इसी वजह से आप सीएए का विरोध कर रही हैं, तो दुर्भाग्य से यह इस कानून के पक्ष वालों को ही मजबूत करेगा।