भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मां सोनिया के जूते का फीता बांधते राहुल (बाएं)।
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यात्रा के दौरान मां सोनिया के जूते के फीते बांधते दिखे थे राहुल
यात्रा के दौरान राहुल गांधी अपनी मां के जूते के फीते बांधते दिखाई दिए थे। कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मतदाताओं को इमोशनल टच देने की कोशिश की थी, जिसपर वोटरों ने मुहर लगा दी है। कर्नाटक के हलकुंडी गांव में यात्रा के दौरान कांग्रेस के वतर्मान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जो उस समय अध्यक्ष चुनाव के उम्मीदवार थे भी शामिल हुए थे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ कदमताल करते दिखे थे। कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया था- "ये साथ अपनों का है, अपनेपन का है। इस साथ को हम निभाएंगे... #BharatJodoYatra का विश्वास भरा एक ओर दिन।"
कर्नाटक के सात लोकसभा क्षेत्रों के 20 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों से गुजरी थी यात्रा
मतदाताओं पर कांग्रेस नेता के इन हाव-भावों का सकारात्मक असर पड़ा और उन्होंने विधानसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान कांग्रेस पर भरोसा जताया। राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत तमिलनाडु के कन्याकुमारी से की थी। इसका समापन कश्मीर में किया गया है। राहुल ने तीन चरणों में अपनी यात्रा को पूरा किया था। कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा 30 सितंबर 2002 को पहुंची थी। चुनावी राज्य में कांग्रेस नेता अगले 21 दिनों में लगभग 500 किलोमीटर पैदल चले। राहुल की यात्रा कर्नाटक के सात लोकसभा क्षेत्रों और 20 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों से गुजरी थी। कर्नाटक के मैसूर में राहुल गांधी मूसलधार बारिश के बीच लोगों को संबोधित करते दिखे थे। हालांकि भारत जोड़ो यात्रा के ठीक बाद हुए दो निकाय चुनावों में कांग्रेस भाजपा को पटखनी देने में असफल रही थी। पर अब विधानसभा चुनावों के परिणाम में कांग्रेस ने हिसाब बराबर कर लिया है।
कर्नाटक में कांग्रेस के लिए रामबाण साबित हुई भारत जोड़ो यात्रा
बजरंग दल और बजरंग बली जैसे चुनावी मुद्दों से पहले हुई भारत जोड़ा यात्रा कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए रामबाण साबित हुई है। कर्नाटक चुनाव में भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस के लिए सकारात्मक परिणाम लाएगी इस बात के कयास पहले से लगाए जा रहे थे। दरअसल, कर्नाटक की सड़कों पर राहुल गांधी ने अपनी छोटी बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के साथ खूब मेहनत की थी और जमकर पसीना बहाया था। यात्रा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम सिद्धारमैया राहुल गांधी का हाथ पकड़कर दौड़ लगाते दिखे थे।
डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की मेहनत लाई रंग

डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया ने राहुल के साथ मिलकर ढोल भी बजाया था। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कर्नाटक के इन दो दिग्गज नेताओं ने भी यात्रा को सफल बनाने के लिए दिन रात एक कर दिया था। इन कवायदों का फायदा चुनाव परिणामों में कांग्रेस के पक्ष में दिख रहा है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद पहले हिमाचल और अब कर्नाटक में कांग्रेस ने अपनी जीत का पताका फहराया है। कर्नाटक की जीत हिमाचल से भी अहम है क्योंकि यह राज्य भाजपा के हार्डलाइन हिंदुत्व का अखाड़ा बना हुआ था। इसके बावजूद राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अपनी बात वोटरों तक पहुंचाने में सफल रहे।