सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उन चुनिंदा व्यापारियों के लिए राहत भरा फैसला सुनाया, जिन्हें 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले माल पर बढ़ा दी गई 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी चुकाने के लिए कहा गया था। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इन सभी व्यापारियों से पुराने टैरिफ पर ही कस्टम ड्यूटी वसूली जाए।
इस फैसले के साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिन आयातकों ने बढ़े हुए टैरिफ के ई-गजट में अधिसूचित होने से पहले के बिल प्रस्तुत कर दिए थे, उनसे बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी नहीं वसूली जा सकती।
केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई कर रही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने दो अलग-अलग लेकिन आपस में मेल खाते फैसले सुनाए। जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने और जस्टिस मल्होत्रा के लिए 82 पेज का फैसला लिखा, जबकि जस्टिस जोसेफ ने 94 पेज के फैसले में केंद्र सरकार की अपील खारिज की।