सरकार ने लोकसभा में बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 21 सितंबर तक 1.26 करोड़ से ज्यादा लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए। उनमें से 5.13 लाख लोगों को कोरोना जांच और उपचार की मंजूरी मिली। स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने एक लिखित जवाब में इस योजना के तहत कोरोना का इलाज कराने वालों की कुल संख्या पूछे जाने पर यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि केंद्र की इस महत्वपूर्ण योजना को 2018 में शुरू किया गया था। इसके तहत प्रत्येक परिवार को साल में पांच लाख तक के उपचार कराने की सुविधा दी गई है।
डब्ल्यूएचओ की सिफारिश से छह गुना ज्यादा कोरोना जांच
सरकार ने लोकसभा में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना मामले की जितनी जांच की सिफारिश की है, देश में उससे छह गुना ज्यादा जांच हो रही है। देश में प्रतिदिन दस लाख आबादी में 875 लोगों की जांच हो रही है।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रोजाना प्रति दस लाख आबादी में से 140 लोगों की जांच करने की सिफारिश की है। एक अन्य सवाल के जवाब में चौबे ने कहा कि प्रत्येक जिले में रोजाना औसतन 1053 लोगों की जांच की गई।
भाजपा सांसद ने की जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाने की मांग
भाजपा के लोकसभा सांसद उदय प्रताप सिंह ने सरकार से जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे महत्वपूर्ण कानून होगा। शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद ने कहा कि देश में बढ़ती जनसंख्या के कारण कानून व्यवस्था और बेरोजगारी का संकट है।