2020 में 8.22 करोड़ ने चुकाया टैक्स : निर्मला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2019-20 में देश में कुल 8.22 करोड़ करदाताओं ने टैक्स दिया। इनमें व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट करदाता शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि आकलन वर्ष 2020-21 में कुल करदाता 8,22,83,407 हैं जबकि 1 मार्च, 2021 को देश की जनसंख्या 136.30 करोड़ थी। करदाताओं की इस संख्या में वो लोग शामिल हैं, जो आयकर या कॉर्पोरेट टैक्स देते हैं और रिटर्न दाखिल करते हैं या जिनका टैक्स नियोक्ता द्वारा पहले ही काट लिया जाता है।
तय फार्मूले पर काम करती है जीएसटी परिषद
राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न और पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद संघीय ढांचा है। यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बिना किसी भेद के तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप काम करती है।
राज्यों के 53,600 करोड़ बाकी
वित्तमंत्री ने बताया, मौजूदा वित्त वर्ष के लिए राज्यों को जीएसटी के लिए 53,600 करोड़ रुपये जारी होने बाकी हैं। वर्तमान वित्त वर्ष में राज्यों को इस मद में 96,576 करोड़ जारी हो चुके हैं।
कुछ राज्यों की वजह से हुई एबीजी शिपयार्ड मामले की जांच में देरी
एबीजी शिपडार्य मामले की जांच में हुई देरी को लेकर सफाई देते हुए केन्द्र सरकार ने कहा कि इसके लिए कुछ राज्य जिम्मेदार हैं। राज्यसभा में वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने जांच एजेंसी के अधिकार छीन लिए या फिर जांच की अनुमति देने में देरी की। घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद केंद्र की ओर से जांच में देरी नहीं हुई।
वित्तमंत्री ने यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, जब कंपनी आकार ले रही थी तब इसे आठ बार कर्ज दिया गया। , जबकि वर्ष 2014 के बाद से एक बार भी कर्ज नहीं दिया गया। इस तरह से यूपीए सरकार में एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। वहीं, वित्त राज्यमंत्री भगवत कराड ने बताया कि कुल 24 बैंकों से 14,350 करोड़ का कर्ज एबीजी शिपयार्ड को दिया। इनमें से 10 सार्वजनिक क्षेत्र के हैं।