कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद से अटकलों का बाजार गर्म है। चर्चा है कि सीएम येदियुरप्पा जल्द अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे के पीछे की वजह बढ़ती उम्र और खराब सेहत का हवाला दिया गया है। येदियुरप्पा ने शनिवार को इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ये सच नहीं है। वहीं इस बीच और जानकारी आ रही है कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने 26 जुलाई 2021 को विधायक दल के विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई।
मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा, 'गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सौ फीसदी जीतेगी। वहीं कर्नाटक में हमारा भविष्य उज्जवल है। उन्होंने कर्नाटक में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं पीछे नहीं हटूंगा और पूरी जिम्मेदारी लूंगा।' येदियुरप्पा ने आज भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी की स्थिति और मजबूत करने को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने (नड्डा) कर्नाटक की सत्ता में भाजपा की वापसी पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने भी यही कहा था। इस बारे में विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे की अटकलों को शनिवार को खारिज करते हुए कहा कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। इस सवाल पर कि क्या उन्होंने इस्तीफा दे दिया, यहां कर्नाटक भवन में येदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा, 'बिल्कुल भी नहीं।' मुख्यमंत्री ने कहा कि अफवाह में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बेंगलुरु लौटने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे।
बता दें कि येदियुरप्पा भाजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करने के बाद शनिवार को बेंगलुरु लौटेंगे। येदियुरप्पा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और कावेरी नदी पर मेकेदतु परियोजना समेत राज्य के लंबित कार्यों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब राजनीतिक हलकों में ये अटकलें लगाईं जा रही हैं कि येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा रहा है।
कर्नाटक भाजपा के कुछ असंतुष्ट नेता येदियुरप्पा और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार तथा प्रशासन में हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर निशाना साध रहे हैं, जिससे पार्टी तथा सरकार की फजीहत हुई है। पार्टी का एक अन्य धड़ा 79 वर्षीय येदियुरप्पा को उनकी उम्र को देखते हुए हटाने की मांग कर रहा है तथा 2023 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री का नया चेहरा पेश करने की जरूरत पर जोर दे रहा है।
मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल पर येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात से पहले कहा था, ‘‘अगर मंत्रिमंडल में फेरदबल या विस्तार पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कोई चर्चा होती है तो मैं आपको बताऊंगा।’’