ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर
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तमिलनाडु के कुनूर में बुधवार को हुए हादसे में जान गंवाने वालों में ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर का नाम भी शामिल है। वह देश की सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायु सेना और नौसेना) में सुधारों के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के साथ रक्षा सहायक के तौर पर काम कर रहे थे। इस हादसे में सीडीएस रावत, उनकी पत्नी मधूलिका और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों का निधन हो गया था।
दूसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर लिड्डर को मेजर जनरल के पद पर प्रोन्नति पाने वाले थे। सीडीएस रावत की टीम में एक साल से अधिक तक एक प्रमुख सदस्य के तौर पर सेवाएं देने के बाद वह अपनी अगली नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर ने जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और चीन के साथ सीमा पर एक ब्रिगेड का नेतृत्व किया था।
जनरल रावत के रक्षा सहायक के रूप में काम करते हुए ब्रिगेडियर लिड्डर ने भारत में उच्च स्तरीय रक्षा सुधारों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके तहत एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया था जिसमें तीनों सेनाओं के थिएयर कमांड की स्थापना करना था। यह कदम देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच समन्वय को बेहतर करने के लिए उठाया गया था।
सबसे बहादुर अधिकारियों में से एक थे ब्रिगेडियर लिड्डर: राज्यवर्धन
वह दिसंबर 1990 में 2 जम्मू-कश्मीर रायफल्स में कमीशन हुए थे। बाद में उन्होंने इस बटालियन का नेतृत्व भी किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एक ट्वीट में ब्रिगेडियर लिड्डर को सबसे बहादुर अधिकारियों में से एक बताया। ब्रिगेडियर लिड्डर को सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। हरियाणा के पंचकुला के रहने वाले ब्रिगेडियर अपने पीछे पत्नी और एक बेटी छोड़ गए हैं।
सीडीएस रावत और उनकी पत्नी समेत कुल 13 लोगों की गई जान
पिछले कई दशकों में भारतीय इतिहास के सबसे भयावह हादसों में से एक यह हादसा तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हुआ थी। नीलगिरि से कोयंबटूर के बीच वायु सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में सीडीएस रावत, उनकी पत्नी मधूलिका रावत और 11 अन्य जवानों की मौत हो गई थी। उन्होंने अपने करियर के दौरान कजाकिस्तान के लिए भारत के रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएं दी थीं।