63 मून्स टेक्नोलॉजी के 10,000 करोड़ रुपये हर्जाना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम सहित दो वरिष्ठ अफसरों को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है। कंपनी के वकील विश्वनाथन अय्यर ने कहा कि चिदंबरम और दो अधिकारी केपी कृष्णन और रमेश अभिषेक कोर्ट द्वारा दिए गए आठ हफ्ते के समय में हलफनामा दायर करने में नाकाम रहे।
जस्टिस एके मेनन ने तीनों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर जवाब नहीं दिया तो और वक्त नहीं दिया जाएगा और उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने 22 अक्तूबर को तीनों को आठ हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
दरअसल 63 मून्स टेक्नोलॉजी (पूर्ववर्ती फिनांशियल टेक्नोलॉजी लिमिटेड) का इन तीनों पर आरोप है कि कांग्रेस की सरकार में वित्तमंत्री रहते चिदंबरम ने एनएसईएल से जुड़े 5600 करोड़ के घोटाले में ‘दुर्भावनापूर्ण’ तरीके से कार्रवाई की थी।