बिहार से उम्मीदवार बने डॉ भीम सिंह और डॉ धर्मशीला गुप्ता (फोटो साभार- विधान परिषद व ECL वेबसाइट)
- फोटो : बिहार विधान परिषद और ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) की वेबसाइट
डॉ भीम सिंह का जन्म नवंबर, 1962 में गया जिले के बेदौली गांव में हुआ। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले भीम सिंह फिलहाल बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। इन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रैजुएशन और कानून की डिग्री (एलएलबी) हासिल करने के अलावा डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि भी हासिल की। भाजपा की सहयोगी पार्टी- जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निर्वाचित नेता डॉ भीम अब संसद में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। साल 2006 से 2009 तक डॉ भीम राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की तरफ से विधान परिषद सदस्य रहे। अगस्त, 2009 के बाद से ये जदयू का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
विज्ञान की पढ़ाई के बाद अब संसद तक यात्रा का मौका
डॉ धर्मशीला गुप्ता का जन्म 1969 में बिहार के दरभंगा जिले में हुआ। विज्ञान विषय से स्नातक (बीएससी) की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने वनस्पति विज्ञान में पोस्ट ग्रैजुएशन (स्नातकोत्तर) की डिग्री हासिल की। बिहार महिला कॉलेज, दरभंगा में व्याख्याता रह चुकीं डॉ धर्मशीला समाजिक रूप से काफी सक्रिय रहती हैं। नवंबर, 2021 में इन्हें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था।
उत्तर प्रदेश में मंत्री रहीं संगीता बलवंत और चंदौली की तेजतर्रार नेता साधना सिंह राज्यसभा प्रत्याशी
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उत्तर प्रदेश में चंदौली की मुगलसराय विधानसभा सीट से
पूर्व विधायक रहीं साधना सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद समर्थक उत्साहित हैं। मायावती पर विवादित बयान देने वाली साधना सिंह कई कारणों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनती हैं। 2017 में पहली बार भाजपा की टिकट पर विधायक बनीं। 1993 जिले में जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं। इसके अलावा साधना सिंह चंदौली जिले की महिला प्रकोष्ठ और व्यापार मंडल के अध्यक्ष का पद संभाल चुकी हैं।
गाजीपुर से निर्वाचित नेता को भी राज्यसभा पहुंचने का अवसर
45 वर्षीय डॉ. संगीता बलवंत का पूरा नाम
संगीता बलवंत बिंद है। गाजीपुर में जन्मीं डॉ संगीता के पास शैक्षिक उपाधियों की भरमार है। इनके पास डॉक्टरेट की डिग्री भी है। पिता रामसूरत बिंद रिटायर्ड पोस्टमैन थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में गाजीपुर जिले की पहली भाजपा विधायक होने का गौरव रखने वाली डॉ संगीता छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं। पीजी कॉलेज, गाजीपुर में छात्रसंघ की उपाध्यक्ष रह चुकीं डॉ संगीता पिछड़ी जाति से आती हैं। पूर्वांचल में बिंद जाति के मतदाताओं की बड़ी संख्या है। इनकी पहचान जमीन से जुड़े नेताओं के तौर पर होती है।