बांग्लादेश संकट के बीच बांग्लादेशियों को भारत और पश्चिम बंगाल में शरण देने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फैसले के विरोध में भाजपा मुखर हो गई है। भाजपा ने इसे विपक्षी गठबंधन इंडिया की अवैध रूप से अप्रवासियों को बसाने और झारखंड चुनाव जीतने की राजनीतिक योजना करार दिया। इसी बीच, केंद्र सरकार के सूत्रों ने भी यही बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य के पास कोई स्वायत्त अधिकार नहीं है।
भाजपा के पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि पड़ोसी देश या किसी दूसरे देश से आने वाले व्यक्ति को भारत में आश्रय देने का ममता बनर्जी को कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अप्रवासियों को बसाने और नागरिकता देने का अधिकार केंद्र सरकार को है। राज्य को ऐसे मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
मालवीय ने एक्स पर पोस्ट किया कि ममता बनर्जी को भारत में किसी का स्वागत करने का अधिकार किसने दिया? यह बंगाल से लेकर झारखंड तक अवैध रूप से बांग्लादेशियों को बसाने की विपक्षी गठबंधन इंडिया की नापाक योजना का हिस्सा है, ताकि झारखंड विस चुनाव को जीता जा सके। उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला बोला कि कभी वह कहती हैं कि धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए भारत आए हिंदू शरणार्थियों को वे सीएए के तहत नागरिकता नहीं देने देंगी। अगर ऐसा होगा तो अवैध रोहिंग्याओं ट्रेनें जलाने, सड़कें जाम करने और लोगों को मारने के लिए कहेंगी। भाजपा नेता ने कहा कि अब ममता कहती हैं कि बांग्लादेशियों का भारत में स्वागत है।
कोलकाता रैली में ममता बनर्जी ने दिया था बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता रैली में कहा था कि बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर पड़ोसी देश के लोगों को वह आश्रय देंगी। बांग्लादेश के लोगों के लिए पश्चिम बंगाल के दरवाजे खुले हैं।
इसलिए हुई बांग्लादेश में हिंसा
बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण के विरोध में हिंसा हुई है। इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किए। विवि बंद कर दिए गए। हिंसा में 115 लोगों की मौत हो चुकी है। बांग्लादेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी है।