इस प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की छवि एक सक्षम और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभरकर आई है। प्रधानमंत्री मोदी के दस साल रामराज्य की परिकल्पना को जमीन को उतारने वाले रहे हैं। इस दौरान देश ने सुरक्षा, समृद्धि और खुशहाली का एक सफर तय किया है। देश ने गुलामी की सोच से मुक्ति पाई है और अपनी विरासत पर गर्व करना सीखा है। इन वर्षों के दौरान भारत ने अपनी लोकतांत्रिक और संवैधानिक परंपराओं के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान किया है।
मोदी सरकार की दस वर्ष की उपलब्धियां
इस राजनीतिक प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि पहले की सरकारों क एक-दो काम ही ऐतिहासिक होते थे, जो याद रखने योग्य होते थे। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के दस वर्षों में ऐसे सैकड़ों ऐतिहासिक काम हुए, जिनसे दो तिहाई लोगों का जीवन स्तर को ऊपर उठा। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था ने भी सारे रिकॉर्ड तोड़े। इन वर्षों के दौरान देश ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण, अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर बनना और और उसमें रामलला का विराजमान होना, तीन तलाक का खात्मा, वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) का क्रियान्वयन, नागरिकता संशोधन कानून, नया संसद भवन, संसद भवन में सेंगोल स्थापित होना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, चंद्रयान-3 जैसी उपलब्धियां हासिल की। प्रस्ताव में कहा गया है कि स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, नमामि गंगे और जी-20 ने देश में सहभागिता का एक नया अध्याय शुरू किया। कोविड प्रबंधन की प्रशंसा पूरी दुनिया में हो रही है। हजार वर्ष बाद भी जब लोग चर्चा करेंगे तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते नहीं थकेंगे।
सरकार ने आतंकवाद पर किया प्रहार
प्रस्ताव में कहा गया है कि नरेन्द्र मोदी सरकार में देश पहले से ज्यादा सुरक्षित हुआ है और आतंकवाद पर करारा प्रहार किया गया है। भारत ने आतंकवाद पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक किया, लेकिन विपक्ष ने सेना के जवानों की वीरता पर सवाल उठाए। ये नया भारत है जिसके दम पर पाकिस्तान से अभिनंदन और कतर में मौत की सजा पाए हमारे पूर्व नौसैनिकों की वापसी हुई। आज दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे भारतीय को यह भरोसा है कि यदि वे किसी भी परेशानी में फंसेंगे तो सरकार उन्हें बाहर निकाल ही लेगी। इसकी बानगी हमने रूस-यूक्रेन युद्ध, ईराक, सीरिया,यमन और कोविड के समय भी देखा।
भूतपूर्व सैनिकों के साथ सरकार ने किया न्याय
इसमें आगे कहा गया है कि कांग्रेस की सरकारों ने बीते चालीस वर्षों के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग को संवैधानिक मान्यता नहीं दी और उनके साथ अन्याय किया। नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही कार्यकाल में आयोग को मान्यता देकर ओबीसी का सम्मान किया। कांग्रेस ने चालीस वर्षों तक वन रैंक-वन पेंशन को लटकाए रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ही झटके में इसे लागू करके भूतपूवर्व सैनिकों के साथ न्याय किया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद शाहबानों के साथ अन्याय किया। इसके साथ ही देश की लाखों मुस्लिम महिलाओं के साथ भी अन्याय होने दिया। प्रधानमंत्री ने मुस्लिम महिलाओं को न्याया दिलाया। सरकार ने भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को भी स्थायी कमीशन प्रदान किया।
अनुच्छेद 370 को निरस्त किया
भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया, कांग्रेस की वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति ने अनुच्छेद 370 और 35A के जरिए जम्मू-कश्मीर को भारत से दूर कर दिया था। जन संघ की स्थापना के समय से ही हम देश में दो विधान, दो प्रधान और दो संविधान के खिलाफ थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके लिए अपने प्राणों की आहुति दी। हमारे हजारों कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए योगदान दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अन्याय को खत्म कर जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को न्याय दिया। देश में एक राष्ट्र-एक विधान का सपना साकार हुआ। आज लाल चौक पर तिरंगा शान से लहरा रहा है। देश के कानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होते थे। जम्मू-कश्मीर से भयावह पलायन ने हर भारतवासी के दिल को झकझोर कर रख दिया था। धारा 370 और 35A ने जम्मू-कश्मीर को ऐसा प्रदेश बना दिया जहां खुलेआम आतंकवाद और अलगाववाद पनपा और किसी में भारत का झंडा बुलंद करने की हिम्मत नहीं थी।
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर
इसमें आगे कहा गया, भाजपा अपनी स्थापना के बाद से अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर रामलला की भव्य मंदिर के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थी। किसी ने भी ये सोचा नहीं था कि ऐसा भी समय आएगा, जब अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा और रामलला अपने घर में विराजमान होंगे। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हर भारतवासी का सपना साकार हुआ। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हुई।