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Amit Shah: 'भाजपा में बूथ कार्यकर्ता भी पीएम बन सकता है', अधिवेशन में बोले शाह- हम खुद हिंसा के भुक्तभोगी

Sun, 18 Feb 2024 12:43 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शाह ने कहा 'मैं कांग्रेस को चेतावनी देता हूं कि आप रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराकर केवल इस ऐतिहासिक पल का हिस्सेदार बनने से नहीं कतराएं बल्कि अपने देश को महान बनाने की प्रक्रिया से खुद को दूर कर लिया है।'
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अमित शाह - फोटो : एक्स/बीजेपीफॉरइंडिया
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विस्तार
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भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जहां एक बूथ कार्यकर्ता भी पीएम बन सकता है। शाह ने कहा कि 'भाजपा में बूथ का काम करने वाला एक व्यक्ति देश का राष्ट्रपति भी बन सकता है और प्रधानमंत्री भी बन सकता है। ये सहूलियत केवल भाजपा में ही उपलब्ध है, क्योंकि हमने पार्टी को लोकतांत्रिक बनाकर रखा है।' 
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कांग्रेस को दी चेतावनी
शाह ने कहा 'मैं कांग्रेस को चेतावनी देता हूं कि आप रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराकर केवल इस ऐतिहासिक पल का हिस्सेदार बनने से नहीं कतराएं बल्कि अपने देश को महान बनाने की प्रक्रिया से खुद को दूर कर लिया है। देश की जनता देख रही है और इसे याद भी रखेगी।' उन्होंने कहा कि '75 वर्ष में इस देश ने 17 लोकसभा चुनाव, 22 सरकारें और 15 प्रधानमंत्री देखें हैं। देश में हर सरकार ने अपने समय पर समयानुकूल विकास करने का प्रयास किया है। लेकिन आज मैं बिना किसी कन्फ्यूजन के कह सकता हूं कि समग्र विकास, हर क्षेत्र का विकास और हर व्यक्ति का विकास करने का काम केवल नरेन्द्र मोदी जी के 10 वर्षों में हुआ है।'

अमित शाह ने कहा कि देश ने तय कर लिया है कि पीएम मोदी फिर से देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और इसमें कोई शक नहीं है। पीएम मोदी ने देश को भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण, जातिवाद, वंशवाद से मुक्त किया है। विकास की राजनीति स्थापित की है। प्रधानमंत्री हमें धीरे-धीरे औपनिवेशिक मानसिकता से दूर कर रहे हैं, जबकि ये आजादी के तुरंत बाद हो जाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने कभी इसकी चिंता नहीं की।  
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'हम खुद हिंसा के भुक्तभोगी'
शाह ने कहा 'केरल में हमारे 100 से ज्यादा कार्यकर्ता शहीद हो गए, 300 से ज्यादा अपाहिज हो गए। वहां इंडी अलायंस का शासन है। बंगाल में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता मौत के घाट उतार दिए गए, हमेशा वहां चुनाव में धांधली, घपलेबाजी और हिंसा होती रही। वहां इंडी अलायंस और ममता बनर्जी का शासन है। हम तो हिंसा के भुक्तभोगी हैं। हिंसा फैलाने वाला अगर कोई गठबंधन यही तो वो घमंडिया गठबंधन है। दूर-दूर तक घमंडिया गठबंधन को सत्ता प्राप्ति की संभावना नहीं दिखती है। इस वजह से वो आज हर चीज का विरोध करने लगे हैं।'
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