काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले ही राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर फरार हो चुके हैं। अशरफ गनी संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में शरण ली है। हालांकि, गनी ने कहा कि वह अफगान से पैसे लेकर नहीं भागे हैं। वहीं, भाजपा सांसद ने गनी को लेकर बयान देकर एक नई बहस को जन्म दिया है।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पहले ही राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग चुके हैं। भागने के बाद कई देशों से संपर्क किया, लेकिन किसी ने उन्हें अपने यहां जगह नहीं दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अशरफ गनी संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई में शरण ली है। वहीं, तालिबान ने भारत से सभी तरह के आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है। ऐसे में भारत-तालिबान के बीच संबंध के भविष्य को लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। इसी बीच भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक नया बयान देकर अलग ही मुद्दा उछाल दिया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि भारत को अशरफ गनी को शरण देनी चाहिए।
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सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को ट्वीट किया 'भारत को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अशरफ गनी को अपने यहां रहने के लिए आमंत्रण देना चाहिए। वह अपेक्षाकृत उच्च शिक्षित हैं और जब तालिबान अमेरिका के बनाए आधुनिक हथियारों के साथ पाक अधिकृत कश्मीर में घुसपैठ करेगा, तो वह भारत को भविष्य की प्रवासी अफगान सरकार बनाने में मदद कर सकते हैं।