अलवर में भीड़ ने कथित गाय की तस्करी करने वाले मुस्लिम शख्स रकबर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भाजपा के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गोरक्षकों का समर्थन किया था। अब एक बार फिर उन्होंने एक बयान दिया है। उनका कहना है कि गोहत्या आतंकवाद से बड़ा अपराध है क्योंकि जब भी यह होता है इससे करोड़ों हिंदूओं की भावनाएं आहत होती हैं।
अलवर के विधायक ने कहा, 'गोहत्या
आतंकवाद से बड़ा अपराध है। आतंकी दो या तीन लोगों को मारते हैं लेकिन जब गाय मरती है तो करोड़ हिंदूओं की भावनाएं आहत होती हैं। यदि गाए मारी जाती है तो लोग नाराज होंगे और गोतस्करों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।' उनका यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब मेव समाज के लोगों ने महापंचायत करके आरोप लगाया था कि रकबर खान की हत्या में आहूजा का हाथ है।
महापंचायत में लोगों ने
आहूजा को गिरफ्तार किए जाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि विधायक आहूजा ने मॉब लिंचिंग की घटना के बाद भड़काऊ बयान दिए और आरोपियों का समर्थन किया इसलिए उन्हें षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। महापंचायत के बाद आहूजा ने लालवंडी गांव का दौरा किया था।
आहूजा ने लालवंडी गांव में कहा था ‘मैंने गांव का दौरा किया और मंदिर में लोगों के साथ एक बैठक की है। पीड़ित की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई थी और गिरफ्तार तीन आरोपियों को अब रिहा कर देना चाहिए। मैंने गांव वालों से कहा है कि मैं गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजनों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मदद करूंगा।’