महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ा दल है। इसके बावजूद भाजपा ने 30 जून को शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दी थी। यह फैसला सिर्फ विपक्षी ही नहीं, बल्कि खुद भाजपा नेताओं के लिए भी चौंकाने वाला था।
भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को फडणवीस-शिंदे सरकार पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देवेंद्र फडणवीस की जगह शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को भारी मन से राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने दावा किया कि सही संदेश देने के लिए यह फैसला लिया गया था।
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महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ा दल है। इसके बावजूद भाजपा ने 30 जून को शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा कर दी थी। यह फैसला सिर्फ विपक्षी ही नहीं, बल्कि खुद भाजपा नेताओं के लिए भी चौंकाने वाला था।
पाटिल ने कहा कि हमें एक ऐसे नेता की जरुरत थी, जो सही संदेश दे और स्थिरता सुनिश्चित करे। केंद्रीय नेतृत्व और देवेंद्र फडणवीस ने भारी मन से शिंदे को बतौर मुख्यमंत्री समर्थन देने का फैसला लिया। हम नाखुश थे, लेकिन फैसले को स्वीकार करने का निर्णय किया। इस बीच प्रदेश भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि यह पार्टी या पाटिल का रुख नहीं है। वह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का जिक्र कर रहे थे।
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इस बीच उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने उद्धव को चेतावनी दी कि मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूं। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे अचानक मुख्यमंत्री नहीं बने, बल्कि यह पहले से हो तय था। राज्य में हिंदुत्व की विचारधारा वाली सरकार बनाने के लिए यह जरूरी था। फडणवीस ने पनवेल में पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में असली शिवसेना और भाजपा गठबंधन की हिंदुत्ववादी सरकार बनी है।
ठाकरे परिवार की रहेगी या हाथ से निकल जाएगी शिवसेना?
शिंदे गुट अपने धड़े को असली शिवसेना बताते हुए चुनाव आयोग के समक्ष दावेदारी जता रहा है। अब देखना होगा कि दस्तावेजी सबूतों के साथ कौन कितना भारी पड़ेगा? और शिवसेना ठाकरे परिवार के हाथ में रहेगी या बाला साहब ठाकरे की यह पार्टी उनके परिवार के हाथ से निकल जाएगी?