भारत और जापान की नौसेनाओं ने शनिवार को अंडमान सागर में सैन्य अभ्यास किए। यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को देखते हुए किए गए। भारतीय नौसेना के मुताबिक, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) के साथ उसके अभ्यास का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय नौवहन और व्यापार सुनिश्चित करना था।
भारतीय नौसेना के करीबी स्थान माने जाने वाले हिंद महासागर में चीन के बढ़ते हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस वजह से भारतीय नौसेना ने अपने तटीय गश्ती पोत INS सुकन्या को अभ्यास के लिए तैनात किया और जेएमएसडीएफ ने अभ्यास के लिए अपने मुरासामे श्रेणी के विध्वंसक जेएस समीदारे को भेजा था।
भारतीय नौसेना ने एक बयान में बताया कि INS सुकन्या एक तटीय गश्ती पोत और जेएस समीदारे एक मुरासेम श्रेणी के विध्वंसक ने अभ्यास में हिस्सा लिया। इस दौरान इसके संचालन, नाविक गतिविधियों, विमान संचालन और सामरिक युद्धाभ्यास सहित कई अभ्यास में हिस्सा लिया गया।
बताया जा रहा है कि दोनों देश समुद्री सहयोग को मजबूत करने की दिशा में हिंद महासागर क्षेत्र में नियमित अभ्यास करते रहे हैं। यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं के बीच चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। इसका मकसद हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार सुनिश्चित करना है।