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कर्नाटक: भाजपा नेता सीटी रवि ने हलाल मांस को 'आर्थिक जिहाद' बताया, सीएम बोले- इस मुद्दे पर विचार करेगी सरकार

Wed, 30 Mar 2022 10:25 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि "उनके भगवान" को चढ़ाया जाने वाला हलाल मांस उन्हें (मुसलमानों को) प्रिय है, लेकिन हिंदुओं के लिए, यह किसी का बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि हलाल को योजनाबद्ध तरीके से डिजाइन किया गया है ताकि यह उत्पाद केवल मुसलमानों से खरीदे जाएं, दूसरों से नहीं।
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भाजपा नेता सीटी रवि। - फोटो : Facebook.com/CTRaviBJP
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विस्तार
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने ‘हलाल’ भोजन को ‘आर्थिक जिहाद’ बताया है। पिछले कुछ दिनों से कुछ दक्षिणपंथी समूह हिंदुओं से ‘हलाल’ मांस का बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में, सोशल मीडिया पर ऐसे संदेशों की झड़ी लग गई है, जिनमें हिंदुओं से हलाल मांस से दूर रहने की अपील की गई है, खासकर उगाडी त्यौहार के बाद जो हिंदू नव वर्ष है।

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दरअसल, उगाडी के एक दिन बाद ‘गैर-शाकाहारी’ हिंदुओं का एक वर्ग भगवान को मांस चढ़ाता है और नव वर्ष मनाता है। कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ता लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील कर रहे हैं। भाजपा नेता का यह बयान कुछ दिन पहले कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हिंदू धार्मिक मेलों के दौरान मंदिरों के आसपास मुस्लिमों के दुकान लगाने पर रोक लगाने के बाद सामने आया है।

वहीं, इसे लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कहा कि हलाल का मुद्दा अभी-अभी शुरू हुआ है और हलाल मीट पर गंभीर आपत्तियां देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस विषय पर गंभीरता से अध्ययन करना होगा और राज्य की सरकार इन आपत्तियों पर विचार करेगी। बोम्मई ने आगे कहा कि इसका नियमों से कोई लेना-देना नहीं है, यह एक प्रथा है जो चल रही है।
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हलाल एक आर्थिक जिहाद है: रवि
रवि ने यहां पत्रकारों से कहा, “हलाल एक आर्थिक जिहाद है। इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल जिहाद की तरह किया जाता है ताकि मुसलमानों को अन्य लोगों के साथ व्यापार नहीं करना पड़े। यह लागू किया गया है। जब वे सोचते हैं कि हलाल मांस का इस्तेमाल होना चाहिए तो इसमें यह कहने में क्या गलत है कि इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए?”

उन्होंने कहा कि हलाल मांस 'उनके भगवान' को चढ़ाया जाता है जो उन्हें (मुसलमानों) प्रिय है लेकिन हिंदुओं के लिए यह किसी का बचा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि हलाल को योजनाबद्ध तरीके से बनाया गया है ताकि इस उत्पाद को सिर्फ मुसलमानों से ही खरीदा जा सके न कि हिंदुओं से।

रवि ने पूछा, “जब मुस्लिम हिंदुओं से मांस खरीदने से इनकार करते हैं, तो आप हिंदुओ से क्यों कह रहे हैं कि वे उनसे (मुसलमानों से) खरीदें। लोगों को यह कहने का क्या अधिकार है?” हलाल मांस के बहिष्कार करने के सवाल पर भाजपा नेता ने कहा कि इस तरह की व्यापार प्रथाएं एक तरफा नहीं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम गैर हलाल मांस खाने को तैयार हैं, तो ये लोग (हिंदु) भी हलाल मांस का इस्तेमाल करेंगे।

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने निंदा की
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने ऐसी बातों की निंदा की और हिंदू युवकों से राज्य को ‘दूषित’ नहीं करने को कहा, जो नस्लीय शांति और विश्वास का बगीचा है।

कुमारस्वामी ने कहा, “मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आप इस राज्य को कहां ले जाना चाहते हैं। मैं हिंदू युवकों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि राज्य को दूषित न करें।” उन्होंने कहा कि उन्हें कर्नाटक में शांति और सद्भाव को बर्बाद नहीं करना चाहिए।

कुमारस्वामी ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया, “कांग्रेस ऐसी सरकार को राज्य में लाई है। अब कांग्रेस भाजपा सरकार को अनैतिक बताती है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? मौजूदा हालात के लिए न जेडीएस और न ही एचडी कुमारस्वामी जिम्मेदार हैं। कांग्रेस की प्रताड़ना की वजह से राज्य के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।”

61 प्रगतिशील विचारकों ने सीएम को लिखा पत्र
इस बीच के मरालुसिद्दप्पा, प्रोफेसर एस जी सिद्धरमैया, बोलवार महमद कुन्ही और डॉ विजय सहित राज्य के 61 प्रगतिशील विचारकों ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पत्र लिखकर धार्मिक नफरत को रोकने की अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि यहां जानबूझकर धार्मिक नफरत पैदा करना शर्मनाक काम है।

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