संसद के बजट सत्र के पहले हिस्से के बाकी बचे दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखी जंग की जमीन तैयार हो गई है। भाजपा ने जहां सोमवार को संघ की तुलना आतंकी संगठन आईएस से किए जाने पर अपना तीखा विरोध जताने का फैसला किया है, वहीं विपक्ष ने संघ की ओर से आरक्षण की परोक्ष रूप से फिर से की गई समीक्षा की मांग पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
गौरतलब है कि शनिवार को जमीयत ए उलेमा ए हिंद के एक कार्यक्रम में राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने संघ की तुलना आतंकी संगठन आईएस से की थी। इसके बाद रविवार को संघ ने संपन्न लोगों को आरक्षण का लाभ दिए जाने पर सवाल खड़ा किया है। इस मामले में कांग्रेस सहित कुछ अन्य विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव ला सकते हैं।
संघ की तुलना आईएस से किए जाने पर पहले ही तीखी प्रतिक्रिया दे चुकी भाजपा ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में अपना विरोध जताने का फैसला किया है। पार्टी सांसद इस मामले में आजाद से माफी मांगने की मांग रखेंगे। पार्टी सांसदों की ओर से जवाबी रणनीति के तहत इस मामले में चर्चा की भी मांग की जा सकती है।
उधर संघ की ओर से आरक्षण की समीक्षा मामले पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। विपक्ष पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर से आरक्षण की समीक्षा की मांग के सवाल पर सरकार पर हमलावर रही है। अब संघ ने इस मामले में उसे एक और बड़ा मौका दे दिया है। सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस, वाम दल, जदयू, सपा और बसपा की ओर से संसद के दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाए जाने की तैयारी है।