पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी जताने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें मनाएगी और कहा कि चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासित कार्यकर्ताओं की पार्टी है और लोग पार्टी के साथ हैं। असम चुनाव के बारे में शाह ने कहा कि एआईयूडीएफ अध्यक्ष अजमल के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस की पराजय होगी।
कांग्रेस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ गठबंधन किया है जिसके समर्थक मुख्य रूप से बंगाली बोलने वाले मुस्लिम हैं और भाजपा उस पर घुसपैठियों की रक्षा करने के आरोप लगाती है ताकि वह भाजपा विरोधी वोट को मजबूत कर सके।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा और आश्चर्य जताया कि वह किस तरह की 'धर्मनिरपेक्ष' पार्टी है जिसने केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ, असम में अजमल के साथ और पश्चिम बंगाल में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दिकी की पार्टी के साथ गठबंधन किया है।
असम में विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून को लागू नहीं करने के राहुल गांधी के बयान के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि एनआरसी पर उनकी क्या नीति है।
यह पूछने पर कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सीएए लागू करने की घोषणा की है, लेकिन पार्टी असम में यह मुद्दा नहीं उठा रही है, तो उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार इसके खिलाफ है, जिसके बाद पार्टी ने राज्य में कानून के समर्थन पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि सीएए देश के लिए कानून है।
शाह ने कहा कि राज्य में भाजपा नीत राजग सरकार ने घुसपैठ और उग्रवाद से मुक्ति के लिए काम किया है और अब वह बाढ़ के संकट का समाधान करने पर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन की सीटों की संख्या में इजाफा होगा। गठबंधन ने 2016 के विधानसभा चुनावों में 126 में से 86 सीटों पर जीत दर्ज की थी।