भारतीय जनता पार्टी ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (बेस्ट) की बसों पर विज्ञापन दिया है जिसमें दावा किया गया है कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस की सरकार आने से हिंदू त्योहारों को मनाने में आने वाली बाधाओं को हटा दिया गया है।
कोविड-19 महामारी मानदंडों के बिना चल रहे गणेश उत्सव के बीच रैपराउंड बस विज्ञापन पिछली महाविकास अघाड़ी सरकार पर स्पष्ट कटाक्ष है। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा भाजपा के कमल चिह्न और भगवान गणेश की तस्वीरें हैं।
संयोग से मुंबई में जल्द ही निकाय चुनाव होने की संभावना है। बेस्ट के महाप्रबंधन लोकेश चंद्र से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका। उपक्रम के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि उनकी बसों के विज्ञापन अनुबंधित एक वाणिज्यिक एजेंसी द्वारा प्राप्त किए जाते हैं। बेस्ट शहर की सबसे बड़ी सड़क परिवहन सुविधा है। जिसके बेडे़ में 3700 बसें हैं जो हर दिन लगभग तीस लाख यात्रियों को ले जाती हैं।
गडकरी ने पुणे में विभिन्न सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे में ट्रैफिक की समस्या के निदान के लिए फ्लाइंग बस चलाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पुणे महानगरपालिका प्रस्ताव दे तो केंद्र आर्थिक सहयोग के लिए तैयार है।
वह शुक्रवार को पुणे में विभिन्न सड़क परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्लाइंग बस और इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली, डबल डेकर बस आदि चलाने का सुझाव दिया।
गडकरी ने कहा कि अगर, योजना साकार हुई तो ट्रैफिक की समस्या दूर हो जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने पुणे रिंग रोड, मुंबई-बेंगलुरूमहामार्ग आदि योजनाओं की भी चर्चा की।
बता दें कि करीब एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का काफिला पुणे के चांदनी चौक पर जाम में फंस गया था। इसके बाद शिंदे ने अधिकारियों को फोन कर इस समस्या के समाधान के आदेश दिए थे।
फ्लाइंग बस में बैठ सकते हैं 150 यात्री
गडकरी ने कहा, हम 165 रोपवे केबल कार का निर्माण कर रहे हैं। हमारे पास हवा में उड़ने वाली बसें हैं। उनमें 150 लोग बैठ सकते हैं। साथ ही, डबल डेकर व ट्रॉली बस का भी एक विकल्प है। ट्रॉली बस में दो बसों को जोड़ा जाता है जो इलेक्ट्रिक केबल पर चलती हैं। इलेक्ट्रिक बस की कीमत सवा करोड़ जबकि ट्रॉली बस की कीमत 60 लाख रुपए है। गडकरी ने कहा कि अगर पुणे महानगरपालिका ऐसी कोई तैयारी दिखाती है तो हमारे पास पैसे हैं, हम दे सकते हैं।