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Biz Updates: पेटीएम का RBI के मानदंडों पर सलाहकार पैनल गठित; RBI ने एनईडी के पारिश्रमिक की सीमा बढ़ाई

Fri, 09 Feb 2024 10:35 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेटीएम का मालिकाना हक रखने वाली फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने आरबीआई मानदंड को लेकर शुक्रवार को सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में एक समूह सलाहकार समिति गठित करने की घोषणा की। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को निजी बैंकों में गैर कार्यकारी निदेशकों के पारिश्रमिक की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी। 
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कारोबार जगत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पेटीएम का मालिकाना हक रखने वाली फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने आरबीआई मानदंड को लेकर शुक्रवार को सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अध्यक्षता में एक समूह सलाहकार समिति गठित करने की घोषणा की। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, समिति अनुपालन को मजबूत करने और नियामक मामलों पर कंपनी को सलाह देगी।
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समूह सलाहकार समिति गठित करने की घोषणा
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के पूर्व अध्यक्ष एम एम चितले और आंध्रा बैंक के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर रामचंद्रन दामोदरन की अध्यक्षता वाले पैनल का हिस्सा हैं। कहा गया है कि समूह सलाहकार समिति बोर्ड के साथ मिलकर काम करेगी। समिति आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सदस्यों को शामिल करेगी। गौरतलब है कि चितले ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नामित भारत के बैंकिंग कोड और मानक बोर्ड के गवर्निंग काउंसिल सदस्य के रूप में भी काम किया है।

पेटीएम की बढ़ी मुश्किलें, तो गठित की समिति
समिति का गठन ऐसे समय में हुई है जब पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा के स्वामित्व वाला पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड आरबीआई की जांच के दायरे में आ गया है। 31 जनवरी को आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 29 फरवरी के बाद ग्राहक खातों, वॉलेट, फास्टैग और अन्य उपकरणों में जमा या टॉप-अप स्वीकार करना बंद करने का निर्देश दिया। आरबीआई ने गुरुवार को कहा कि इकाई द्वारा नियामक दिशानिर्देशों का लगातार अनुपालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई।
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एनईडी के पारिश्रमिक की सीमा बढ़ाकर 30 लाख रुपये की
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को निजी बैंकों में गैर कार्यकारी निदेशकों के पारिश्रमिक की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दी। अप्रैल 2021 में केंद्रीय बैंक ने गैर-कार्यकारी निदेशकों (एनईडी) के लिए पारिश्रमिक की सीमा 20 लाख रुपये प्रति वर्ष तय की थी।

बयान के मुताबिक, बैंक बोर्डों और इसकी कई समितियों के कुशल कामकाज में एनईडी की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए और बैंकों को अपने बोर्ड पर योग्य सक्षम व्यक्तियों को पर्याप्त रूप से आकर्षित करने में सक्षम बनाने के लिए उपरोक्त सीमा को 30 लाख रुपये प्रति वर्ष तक संशोधित करने का निर्णय लिया गया है। आरबीआई ने कहा, निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

आरबीआई ने आगे कहा कि बैंकों को अपने एनईडी को निश्चित पारिश्रमिक देने के लिए मौजूदा पारिश्रमिक की किसी भी समीक्षा से पहले अपने बोर्ड की मंजूरी के साथ उपयुक्त मानदंड रखने की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि बैंक का बोर्ड बैंक के आकार, एनईडी के अनुभव और अन्य प्रासंगिक कारकों के आधार पर 30 लाख रुपये प्रति वर्ष की अधिकतम सीमा के भीतर कम राशि तय कर सकता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत 6,263 रुपये प्रति ग्राम तय की गई
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सोमवार से पांच दिनों के लिए सदस्यता के लिए खुलने वाले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की अगली किश्त का मूल्य 6,263 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। सरकार ने रिजर्व बैंक के परामर्श से ऑनलाइन आवेदन करने वाले और डिजिटल मोड के जरिए आवेदन के विरुद्ध भुगतान करने वाले निवेशकों को अंकित मूल्य से 50 रुपये प्रति ग्राम कम की छूट देने का निर्णय लिया है। आरबीआई ने कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए गोल्ड बॉन्ड का निर्गम मूल्य 6,213 रुपये होगा।

ईडी ने एबिन वर्गीज की 30.41 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एबिन वर्गीस, मास्टर्स फिनसर्व, ईएसआर मास्टर्स रिटेल प्रा.लि. और अन्य की 30.41 करोड़ की संपत्ति जब्त कर लीं। ईडी ने एबिन वर्गीस और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत केरल पुलिस की ओर से दर्ज की गई विभिन्न एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है।

बैंक लाइसेंस मांगना एनबीएफसी के लिए सही नहीं
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए बैंक लाइसेंस मांगना सही नहीं है। एनबीएफसी को कुछ लाभ पहले से मिलते हैं। यह कुछ खास आर्थिक काम करने वाली विशिष्ट कंपनियों के रूप में विकसित हुई हैं। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा, बैंक जैसा बनने की मांग उनके लिए अस्वाभाविक है। सीआईआई के एक कार्यक्रम में राव ने शुक्रवार को कहा, आरबीआई अधिक संख्या में एनबीएफसी को जमा स्वीकार करने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं है। एक भी नया लाइसेंस नहीं दिया गया है। साथ ही, जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी की संख्या 200 से कम होकर अब सिर्फ 26 रह गई है। राव ने माइक्रोलेंडर यानी छोटे वित्तीय संस्थानों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नियामक ने उन्हें ब्याज दरों पर जो आजादी दी है, वे उसका दुरुपयोग करके अधिक ब्याज वसूलते हैं। डिप्टी गवर्नर की यह टिप्पणी बजाज फिनसर्व के चेयरमैन संजीव बजाज के भाषण के बाद आई है। बजाज ने कहा था कि कम से कम कुछ एनबीएफसी के लिए आरबीआई को बैंक लाइसेंस जारी करने के बारे में विचार करना चाहिए।

विदेशी मुद्रा भंडार एक माह के शीर्ष पर, 5.7 अरब डॉलर बढ़ा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2 फरवरी, 2024 को समाप्त सप्ताह में 5.736 अरब डॉलर बढ़कर एक महीने के उच्च स्तर 622.469 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले सप्ताह भी विदेशी मुद्रा भंडार में 5.91 करोड़ डॉलर का इजाफा हुआ था। अक्तूबर, 2021 में देश के पास रिकॉर्ड 645 अरब डॉलर का भंडार था। आरबीआई के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में अहम योगदान करने वाली विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए) 2 फरवरी वाले सप्ताह में 5.186 अरब डॉलर बढ़कर 553.31 अरब डॉलर पहुंच गई। इस दौरान देश का स्वर्ण भंडार 60.8 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 48.088 अरब डॉलर पहुंच गया। हालांकि, विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) 5.8 करोड़ डॉलर घटकर 18.19 अरब डॉलर रह गया। आईएमएफ में भारत की रिजर्व स्थिति 4.86 अरब डॉलर के स्तर पर स्थिर बनी हुई है। 

एचडीएफसी ने एफडी पर 0.25% तक बढ़ाया ब्याज
एचडीएफसी बैंक ने दो करोड़ रुपये से कम के फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर ब्याज दरों में 0.25 फीसदी तक इजाफा किया है। बैंक की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, अब सात से 10 दिन की अवधि के जमा पर 3.5 से 7.75 फीसदी का ब्याज मिलेगा। 18 माह से 21 महीने के जमा पर 7.25 फीसदी का ब्याज मिलेगा, जो पहले सात फीसदी था। एक साल से 15 महीने की अवधि के लिए एफडी पर 6.60 फीसदी ब्याज मिलेगा। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 फीसदी ज्यादा ब्याज देगा। 

हीरो मोटोकॉर्प देगी 75 रुपये अंतरिम लाभांश
हीरो मोटोकॉर्प का शुद्ध लाभ तीसरी तिमाही में 50% बढ़कर 1,093 करोड़ पहुंच गया। कुल आय 8,300 करोड़ से बढ़कर 10,030 करोड़ पहुंच गई। कंपनी ने 14.6 लाख दोपहिया वाहन बेचे। बोर्ड ने प्रति शेयर 75 रुपये अंतरिम व 25 रुपये विशेष लाभांश देने की घोषणा की है।
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लिंकन फार्मा का लाभ 30 फीसदी बढ़ा
लिंकन फार्मा का तीसरी तिमाही में मुनाफा 29.8 फीसदी बढ़कर 28 करोड़ रुपये रहा है। कुल राजस्व 12.4 फीसदी बढ़कर 157.5 करोड़ रुपये रहा है। चालू वित्त वर्ष के 9 महीनों में कर पूर्व लाभ 100 करोड़ रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 3.22 फीसदी है।
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