भागवत को महिलाओं और पश्चिमी सभ्यता का घोर विरोधी भी माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि 6 जनवरी, 2013 को उन्होंने इंदौर में एक रैली के दौरान कहा था 'एक पति और पत्नी एक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) में बंधे होते हैं, जिसके तहत पति कहता है कि आपको मेरे घर का ख्याल रखना चाहिए और उसके बदले मैं आपकी सभी जरूरतों का ख्याल रखूंगा, मैं आपकी हमेशा रक्षा करूंगा। महिलाओं से घरों का काम करने की अपेक्षा की जाती है। पत्नियों को इस कॉन्ट्रैक्ट का पालन हमेशा करना पड़ता है, जबतक कि पति साथ है। लेकिन अगर पत्नी इस कॉन्ट्रैक्ट को तोड़ती है तो पति उसका परित्याग कर सकता है।'
इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के साथ हो रहे रेप को लेकर भी एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था 'ऐसे अपराध शायद ही कभी 'भारत' में होते हैं, लेकिन ये अक्सर 'इंडिया' में देखने को मिलते हैं। आप देश के गांवों और जंगलों में जाकर देखें तो वहां गैंगरेप या सेक्स अपराधों की ऐसी कोई घटना नहीं होती है। ये अपराध कुछ शहरी क्षेत्रों में ही प्रचलित हैं। नए कानूनों के अलावा, प्राचीन भारतीय मूल्यों के संदर्भ में महिलाओं के भारतीय संस्कार और दृष्टिकोण का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए।'